ललितपुर। गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से चलाई जा रही है। योजना का लाभ देने में स्वास्थ्य विभाग ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अब तक जिले में 38 हजार गर्भवती महिलाओं का पंजीयन हो चुका है।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएस बक्शी ने बताया कि योजना के अंतर्गत हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। जिसमें जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाता है। इन अस्पतालों में मातृ एवं शिशु सुरक्षा के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। जनपद में लक्ष्य 33,567 के सापेक्ष 38004 गर्भवती महिलाओं के फार्म फीड हो चुके हैं। योजना की शुरुआत से अब तक पंद्रह करोड़ बयालीस लाख चौबीस हजार रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके सापेक्ष 113.2 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त हो चुकी है। इस तरह जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय भाले ने बताया कि सुरक्षित प्रसव के लिए संस्थागत प्रसव जरूरी है। संस्थागत प्रसव प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में होता है। रक्त की कमी होने की स्थिति में सतर्कता जरूरी है।
कम्यूनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सक्सेना ने बताया कि उच्च जोखिम में गर्भवती महिला या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य को खतरा होता है। इस तरह की गर्भावस्था को प्रशिक्षित चिकित्सक की विशिष्ट देखभाल की आवश्यकता होती है। अधिकतर महिलाओं में खून की कमी देखने को मिलती है, ऐसे में विशेष ध्यान रखने की जरुरत है। जिला कार्यक्रम समन्वयक गौरव जैन ने बताया कि पीएमएसएमए हर महीने की नौ तारीख को मनाया जाता है। अवकाश होने पर अगले दिन इसका आयोजन होता है।
यह मिलती हैं सुविधाएं
पीएमएसएमए दिवस को लेकर गर्भवती महिलाओं का रुझान बढ़ा है। इस दिवस पर ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन, अल्ट्रासाउंड, एचआईवी और वजन की जांच की जाती है, साथ ही उन्हें टिटनेस का टीका, आयरन, कैल्शियम सहित आवश्यक दवाएं दी जाती हैं। पहली बार गर्भवती होने पर लाभार्थी को पांच हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में भेजे जाते हैं।