ललितपुर। सदनशाह क्षेत्र में बेशकीमती आराजी नंबर 555 और 514 से जिला प्रशासन व नगर पालिका परिषद अनाधिकृत रूप से कब्जा हटाने की तैयारी कर रहे हैं। इस जमीन पर लंबे समय से कब्जा चला आ रहा है।
नगर पालिका परिषद की नजूल भूमि पर 24 जनवरी 1960 में 32 पट्टे आसपास के लोगों को दिए गए थे। यह पट्टे 3600 वर्ग फुट से लेकर विभिन्न आकार के थे, इसमें बाबा सदनशाह के 6 पट्टों को छोड़कर 26 पट्टों की नगर पालिका ने नीलामी करवाई। इसकी शर्तों के अनुसार संबंधित पट्टा धारक को उक्त भूमि को फ्री होल्ड कराने के बाद नियत अवधि तीस साल में नवीनीकरण कराना आवश्यक था। इन 26 पट्टे धारकों में से 13 पट्टे धारकों ने निर्माण कर लिया और कुछ शर्तों को भी पूर्ण कर लिया तथा वह निर्माण करके अपने को सुरक्षित मानने लगे।
बेशकीमती आराजी संख्या 555 में बहुजन समाज पार्टी के कार्यालय के सामने स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस से लेकर इससे सटे भवन, सिंचाई विभाग की नहर, बाबा सदनशाह के मुख्य द्वार के सामने पड़ी जमीन शामिल है। करोड़ों रुपए कीमत की इस जमीन पर संबंधित पट्टे धारक ही कब्जा किए हुए हैं। पट्टे की शर्तों के अनुसार न तो उक्त भूखंड फ्री होल्ड कराया गया और न ही नवीनीकरण किया गया, जबकि 30 सालों में नवीनीकरण न होने की स्थिति में उक्त भूखंड नगर पालिका के हक में चला जाता है। यही हाल, आराजी नंबर 514 का है, जिसमें 5.66 एकड़ जमीन शामिल है। बाबा सदनशाह के बगल में लगी यह जमीन वर्तमान में गिन्नौट बाग के नाम से जानी जाती है। 0.45 एकड़ जमीन पर एक लंबी दीवार बनी हुई है। नगर पालिका की मांग पर प्रशासन ने उक्त बेशकीमती जमीन को खाली कराने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने 13 पट्टे धारकों को बेदखल करने व गिन्नौट बाग की जमीन से अनाधिकृत रूप से कब्जा हटाने के निर्देश नगर पालिका अधिशासी अधिकारी के एन शर्मा को दिए। कब्जा नहीं हटाने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 447, 448 के तहत मामला दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं।
सार्वजनिक सड़क पर हो रहा कब्जा
ललितपुर। तालाबपुरा स्थित नृसिंह मंदिर के पीछे रहने वाले मुहल्लेवासियों ने सार्वजनिक मार्ग पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए डीएम को शिकायती पत्र दिया है।
शिकायती पत्र में तालाबपुरा नृसिंह मंदिर के पीछे रहने वाले मुहल्लेवासियों ने बताया कि आवागमन के लिए 11 फुट का रास्ता बना है। यह रास्ता सैकड़ों भवन स्वामियों के लिए एक मात्र है। इस पर मुहल्ले के ही आधा दर्जन लोगों ने कब्जा करना शुरू कर दिया है। मकानों का निर्माण पांच फीट सार्वजनिक जगह पर कब्जा करके किया जा रहा है। इससे सैकड़ों भवन स्वामियों के सामने निकलने की समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की है। शिकायती पत्र पर पुष्पेंद्र यादव, अफसर खां, हरगोविंद, सरमन, देवी रायकवार, मोहन सहरिया, राजकुमार, रवि यादव, हरीशंकर, लालचंद्र, वीरेंद्र यादव, नंदू सहरिया, श्रीराम यादव आदि के हस्ताक्षर हैं।