ग्रामीण सोमवार को विद्यालय में पकाये गए मिड- डे मील का नमूना बाल्टी में लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम यशु रुस्तगी को लिखित शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि मिड- डे मील समिति के अध्यक्ष और कुछ ग्रामीण जब विद्यालय में गए तो देखा कि मिड- डे मील योजना के अंतर्गत जो खाना बच्चों को दिया जा रहा है, वह गुणवत्ताविहीन है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भोजन को करने से बच्चे कतरा रहे हैं, जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रधानाध्यापक से की तो उन्होंने ग्रामीणों के साथ अभद्रता करके विद्यालय से भगा दिया। उन्होंने एसडीएम को बताया कि विद्यालय में मेन्यू के अनुरूप भोजन नहीं दिया जाता है। उन्होंने मिड डे मील की जांच कराने व संबंधित अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान में लेकर एसडीएम ने खंड शिक्षाधिकारी राजकुमार पुरोहित को मिड- डे मील की जांच करने के निर्देश दिए। शिकायती पत्र पर सूरज सिंह, वीरेंद्र, सुखराम, सेवाराम, अर्जुन सिंह, राजकुमार, सुरेश, मानवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजीत, बृजनंदन, विक्रम अहिरवार आदि ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
उधर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रताप सिंह ने कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर गांव के कुछ लोगों पर विद्यालय में घुसकर गाली- गलौज करने और अभिलेखों से छेडछाड़ करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायती पत्र में बताया गया कि सोमवार को प्रात: 10.30 बजे विद्यालय में कुछ ग्रामीण लाठी- डंडा लेकर घुस आए और शिक्षकों से गाली- गलौज करने लगे। आरोप है कि उक्त लोगों ने कार्यालय में घुसकर विद्यालय के अभिलेखों से छेडछाड़ की और कुछ सामान उठाकर ले गए। उक्त घटना ग्राम प्रधान की मौजूदगी में हुई। प्रधानाध्यापक ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।