डोंगरा खुर्द (ललितपुर)। तहसील पाली के डोंगरा कलां गांव में सूखा राहत राशि वितरण में जमकर धांधली की गई है। ऐसे लोगों को सूखा राहत की करीब बीस लाख रुपये मुआवजा राशि दे दी गई है, जिनके पास बिल्कुल जमीन नहीं है। और तो और कुछ ऐसे लोग भी मुआवजा पा गए, जो गांव के निवासी भी नहीं हैं।
बुंदेलखंड सूखा की त्रासदी झेल रहा है। यहां का किसान पहले अतिवृष्टि और ओलावृष्टि इसके बाद सूखा से टूट गया। सरकार नुकसान उठा चुके किसानों को राहत राशि देकर कुछ मदद कर रही है। लेकिन, किसानों की यह मुसीबत कुछ लोगों के लिए कमाई का जरिया बन गई है। ग्राम डोंगरा कलां में कुछ ऐसे लोगों के खाते में दो-दो बार राशि पहुंचा दी गई है, जो गांव के निवासी ही नहीं हैं। इस तरह के एक-दो खाते नहीं, बल्कि दो सौ खाताधारक हैं। इतना ही नहीं, जिनके खातों में पैसा भेज दिया गया। उन खातों से पैसा निकाल भी लिया गया। लेकिन, उन्होंने इस बारे में कोई जिक्र किसी से नहीं किया। इस कारण पात्र किसान अभी तक सूखा राहत राशि के लिए भटक रहे हैं।
ग्राम सभा डोंगरा कलां में 750 किसानों को सूखा राहत राशि देने के लिए शासन से 66 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसके सापेक्ष शासन ने 40 लाख रुपये आवंटित कर दिए हैं। 25 मई तक वितरित की गई राहत राशि की सूची में 120 नाम भूमिहीन लोगों के हैं और 20 नाम गांव से बाहरी लोगों के हैं। इतना ही नहीं ग्राम डोंगरा कलां निवासी लोकेंद्र सिंह व अंगूरी के खाते में दो-दो बार पैसा भेज दिया गया। अंगूरी के खाते में एक बार में 12,240 रुपये व दूसरी बार में 6,528 रुपये भेजा गया। प्रकाश नामक व्यक्ति के खाते में चार बार पैसा भेजा गया। वहीं, कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्हें अभी तक एक रुपये की सहायता नहीं मिली है। वह चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव वालों का आरोप है कि ग्राम सभा डोंगरा कलां में ही करीब बीस लाख रुपये की सूखा राहत राशि में गोलमाल किया गया है।
डीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्राम डोंगरा कलां के किसानों के साथ हुए छल से वह आक्रोशित हैं। किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में रामानंद कौशिक, पुष्पेंद्र सिंह, राजाराम, भूप्रताप सिंह, करन सिंह, नन्हीं दुलैया, मुरलीधर, दीपेंद्र परमार शामिल रहे। इस पर जिलाधिकारी ने जांच के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए हैं।
लेखपाल की भूमिका
ग्राम डोंगराकलां में हुए सूखा राहत राशि के इस गोलमाल में एक लेखपाल की भूमिका बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार उक्त लेखपाल पूर्व में निलंबित रह चुका है। तहसीलदार ने भी उक्त लेखपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
ग्राम डोंगरा कलां के ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत गंभीर है। पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- अरुण कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार पाली