कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने चकबंदी लेखपाल, सहायक चकबंदी अधिकारी और कानूनगो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। तीनों पर विवादित जमीन में विपक्षियों से सांठगांठ कर उनके पक्ष में विरासत दर्ज कराने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मोहल्ला सरदारपुरा निवासी महेंद्र कुमार गौतम ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि ग्राम ककरुवा में 6.584 हेक्टेयर संक्रमणीय कृषि भूमि पर उनका कब्जा और काश्तकारी है। गांव में वर्ष 2018 से चकबंदी प्रक्रिया लागू है और उक्त भूमि भी चकबंदी के दायरे में थी। प्रार्थना पत्र के अनुसार भूमि विवादित होने के कारण तत्कालीन चकबंदी लेखपाल सुदीप कुमार और कानूनगो ने 10 जनवरी 2024 को आदेश पारित कर जमीन को विवादित मानते हुए उत्तर प्रदेश चकबंदी अधिनियम की धारा-9 के तहत सुरक्षित कर दिया था। इसके तहत दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही विवाद का निस्तारण किया जाना था।
आरोप है कि तत्कालीन लेखपाल के तबादले के बाद नवागत चकबंदी लेखपाल अतुल गुप्ता, सहायक चकबंदी अधिकारी अर्चना मिश्रा और कानूनगो कर्मचंद्र राय ने विपक्षियों से सांठगांठ कर जालसाजी की। तीनों ने एक सितंबर 2025 को धारा-6 के तहत आदेश पारित कर गंगा पत्नी सौरभ नायक निवासी सुभाषपुरा के नाम विरासत दर्ज कर दी।
महेंद्र कुमार गौतम का आरोप है कि यह कार्रवाई उन्हें नुकसान पहुंचाने और विपक्षी को लाभ दिलाने के उद्देश्य से की गई। साथ ही आदेश को खतौनी में दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2025 को जब उन्होंने अपने खाते की नकल मांगी तो चकबंदी लेखपाल ने देने से इनकार कर दिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।