ललितपुर। कोविड-19 कोर कमेटी की बैठक शनिवार की शाम को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि जेल में एक संक्रमित पाया गया है, ऐसे में अब जेल के आवासों में भी जांच कराई जाए। तालबेहट में मरीजों के अधिक निकलने के चलते शहर, बिरधा एवं पाली की जांच टीमों को तालबेहट में लगाकर प्रतिदिन लगभग 1500 टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही तालबेहट के एल-1 अस्पताल में वेंटीलेटर खराब होने पर तत्काल संस्था से मरम्मत करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल की ओपीडी में कोरोना जांच के डर से मरीज कम पहुंचने पर डीएम ने कहा कि घबराएं नहीं, पहले जांच कराएं, उसके बाद ही होगा ओपीडी में इलाज।
बैठक में बताया गया कि 24 घंटे में जेल में 128 लोगों की जांच की गई, जिनमें से एक संक्रमित पाया गया, इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए गए जेल के आवासों में भी जांच कराई जाए। शनिवार को हॉस्पिटल में 76 में से 5 केस संक्रमित मिले हैं, साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 23 के पॉजिटिव मिले हैं। कोविड अस्पतालों की समीक्षा के दौरान डॉ. जेएस बक्शी ने बताया कि तालबेहट एल-1 अस्पताल में विद्युत आपूर्ति की समस्या को ठीक करा लिया गया है। अस्पताल का वेंटीलेटर खराब है और शासन से 6 वेंटीलेटर आने थे जो अभी तक नहीं आए।
बैठक में बताया कि अमरपुर मंडी में कोविड अस्पताल स्टाफ की तैनाती हो गई है अब केवल आरओ की स्थापना की जानी है इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अमरपुर मंडी में दो आरओ, एक ग्राउंड फ्लोर पर तथा दूसरा अपर फ्लोर पर स्थापित कराएं। इसी दौरान अवगत कराया गया कि जखौरा सीएचसी में एक महिला की डिलीवरी हुई है और वह महिला संक्रमित पाई गई है साथ ही उसका पति भी संक्रमित है, इस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि उक्त क्षेत्र में सघन जांच कराएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्यायिक लवकुश त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, अपर उप जिलाधिकारी रमेश चंद्र, क्षेत्राधिकारी सदर, डा. अमित चतुर्वेदी, डॉक्टर हुसैन खान, डा. डीसी दोहरे, डा. जेएस बक्शी आदि उपस्थित रहे।
जिला चिकित्सालय में फिजीशियन न होने से परेशान
मौके पर जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जिला चिकित्सालय में फिजीशियन न होने के कारण काफी समस्या हो रही है इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फिजीशियन की ड्यूटी लगाए जाने को निर्देशित किया। इसके उपरांत जिला चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों के कम आने पर चर्चा की गई, जिसमें अवगत कराया कि उपचार के पहले कोविड-19 की जांच कराए जाने के डर से मरीज कम आ रहे हैं, इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए जनपद में इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए कि ओपीडी में आने वाले प्रत्येक मरीज का पहले कोविड-19 टेस्ट होगा। इसमें मरीजों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। बैठक में बताया गया कि एक व्यक्ति शुक्रवार को पॉजिटिव पाया गया था, लेकिन शनिवार को उसे राजघाट में घूमते हुए देखा गया है, जिस पर राजघाट में पुन: जांच में उसे फिर संक्रमित पाया गया है, इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उक्त व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं।