ललितपुर। मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है। पंख से कुछ नहीं होता हौसले से उड़ान होती है। किसी शायर की यह पंक्तियां शिक्षक परिवार में जन्मे राहुल पाठक पर सटीक बैठती हैं। राहुल ने आईईएस परीक्षा में आठवी रैंक हासिल कर इसरो में वैज्ञानिक बनने का औहदा प्राप्त किया है। राहुल की सफलता से परिवार व मित्र काफी खुश हैं।
मुहल्ला चांदमारी सिविल लाइन में रहने वाले रिटायर शिक्षक मनोहर लाल पाठक का पुत्र राहुल शुरूआत से ही होनहार था। राहुल ने शुरुआती शिक्षा नेशनल कान्वेंट मुहल्ला गांधी नगर से हासिल की। इसके बाद उसका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय दैलवारा में हो गया। यहां उसने दसवीं व बारहवीं की में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
इसके बाद जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा में बीटेक (इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) की पढ़ाई की। इसी दौरान उसे वर्ष 2014 में फाइनल इयर में कैंपस प्लेसमेंट में वीकेसी वैदर नोएडा की कंपनी में नौकरी मिल गई।
राहुल नौकरी छोड़कर दिल्ली में आईईएस की तैयारी में जुट गया। वर्ष 2016 में आईईएस की परीक्षा में बैठा, जिसमें आठवीं रैंक हासिल कर इसरो में वैज्ञानिक बनने का मौका मिला।
राहुल ने छह जून को केरल के तिरुअनंतपुरुम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में वैज्ञानिक पद पर ज्वाइन कर लिया। राहुल के परिवार में खुशी का माहौल है।
उसकी मां प्रेमलता पाठक गृहणी हैं, जबकि बड़ी बहन रश्मि शुक्ला पंजाब नेशनल बैंक में कैशियर पद पर कार्यरत हैं। एवं दूसरी बड़ी बहन प्रियंका पाठक शिक्षिक हैं। छोटा भाई अमित पढ़ाई कर रहा है।