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साहब, प्राइवेट वार्डों पर कब्जा किए हैं संविदाकर्मी

Sat, 11 Jun 2016 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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hospital, lalitpur news - फोटो : demo
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ललितपुर। अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर के बाद डीएम ने जिला अस्पताल के सीएमएस को तलब किया तो उन्होंने बताया कि साहब, मैं कर्मियों की दबंगई से परेशान हूं। प्राइवेट वार्डों, हॉस्टल और कालोनी में संविदा कर्मी अवैध रूप से कब्जा किए हैं। डीएम ने उन्हें तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए हैं।
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जनपद की 13 लाख से अधिक आबादी के उपचार की जिम्मेदारी उठाने वाले जिला अस्पताल के मुखिया संविदा कर्मियों की गुंडई से पीड़ित है। यह बात उन्होंने खुद जिलाधिकारी से कही। अमर उजाला की टीम ने सात जून की रात में जिला अस्पताल का भ्रमण कर वहां की हकीकत के बारे में खबर प्रकाशित की थी। इस खबर को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने शुक्रवार को जिला अस्पताल के सीएमएस डा. संजय कुमार वासवानी को तलब किया।

सीएमएस ने उन्हें बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बनाए गए प्राइवेट रूप से लेकर हॉस्टल व कालोनी के कई आवासों पर संविदा कर्मियों से लेकर बाहरी लोगों ने कब्जा कर रखा है। जब इस संबंध में सीएमएस से डीएम ने कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी, तो सीएमएस ने संविदा कर्मियों की गुंडई का हवाला देते हुए कार्रवाई करने से हाथ खड़े कर दिए।
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सीएमएस के जवाब पर डीएम ने नाराजी जताते हुए दो दिन के अंदर जिला अस्पताल के प्राइवेट रूम, कालोनी और हास्टल के कमरों में गैर कानूनी तरीके से रह रहे लोगों को बाहर निकालने का आदेश दिया। उन्होंने दो दिन में कार्रवाई करने में कोताही बरतने पर सीएमएस पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

मरीज भटक रहे, स्टाफ कर रहा आराम
जिला अस्पताल में जनरल वार्ड के अलावा मरीजों की सहूलियत के लिए प्राइवेट वार्ड की भी व्यवस्था की गई है। लेकिन, तीसरी मंजिल पर स्थित प्राइवेट वार्ड मरीजों की बजाए स्टाफ अपने आराम के लिए उपयोग में ला रहा है। कई तीमारदार अपने मरीजों के लिए निजी कमरों की मांग अस्पताल प्रशासन से करते रहे हैं, लेकिन संविदा कर्मियों के आगे जिला अस्पताल के मुखिया मरीजों की जान से खिलवाड़ करते आ रहे हैं।

पिछले एक साल से दस कमरों पर स्टाफ कब्जा किए है। इन कमरों में शराब खोरी खूब होती है। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएम के कड़े रुख के बाद उम्मीद है कि प्राइवेट रूम फिर से मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकेंगे।

प्रशिक्षित स्टाफ ही करे इलाज
अमर उजाला ने अपनी खबर में जिला अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ की जगह पर वार्ड ब्वाय व स्वीपर द्वारा मरीजों का इलाज करने को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस तथ्य को भी गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को डीएम डा. रूपेश कुमार ने सीएमएस डा. संजय कुमार वासवानी को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि उनके द्वारा कभी भी जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जा सकता है। अगर कोई भी वार्ड ब्वाय व स्पीवर इलाज करता हुआ मिला, तो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

सोमवार को पुलिस कराएगी कमरे खाली
डीएम से फटकार खाने के बाद सीएमएस डा. संजय वासवानी ने तत्काल अस्पताल परिसर में निवास करने वालों को नोटिस जारी कर दिया है। सोमवार तक कमरे खाली नहीं करने वाले लोगों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। डा. वासवानी ने बताया कि करीब एक महीने पहले भी इन लोगों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उस समय कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को गैरकानूनी रुप से रहने वाले समस्त स्टाफ को तत्काल कमरे खाली करने का आदेश दे दिया गया है, इसके लिए केवल रविवार तक इंतजार किया जाएगा।

अमर उजाला की खबर से जिला अस्पताल की हकीकत सामने आई है। अस्पताल परिसर में कोई भी गैरकानूनी रूप से निवास नहीं करेगा। इसका आदेश सीएमएस को दे दिया गया है। अगर कोई भी वार्ड ब्वाय व स्वीपर इलाज करता पाया जाता है, तो सीएमएस पर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. रूपेश कुमार
जिलाधिकारी

सीएमएस को एक महीने पहले भी अस्पताल परिसर से गैर कानूनी रुप से निवास करने वाले लोगों को हटाने का आदेश दिया गया था। अगर सीएमएस दो दिन में कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो प्रशासन से सहायता लेकर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी वार्ड ब्वॉय व स्वीपर इलाज करते हुए मिला तो उसके साथ ही सेवा प्रदाता एजेंसी की सेवाएं समाप्त की जाएंगी।
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डा. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्साधिकारी
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