ललितपुर। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रांकन की तुलना में कार्यरत शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया को शिक्षकों और शिक्षक संगठनों के विरोध के चलते विगत रोज स्थगित कर दिया गया है और शिक्षकों से आपत्तियां ली जा रही हैं। वहीं, अब बेसिक शिक्षकों के विभिन्न संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। वह समायोजन नीति को त्रुटिपूर्ण बताते हुए डीएम व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से उक्त त्रुटियों को दूर कराने की मांग कर रहे हैं।
मंगलवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार के नेतृत्व में डीएम को सौंपा है। इसमें बताया गया है कि स्थानीय बीएसए कार्यालय द्वारा जारी की गई सरप्लस शिक्षकों की सूची में शासनादेश को दरकिनार किया गया है। आरटीई 2009 के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तीन विषयबार शिक्षक (भाषा, सामाजिक विषय और गणित या विज्ञान विषय) इन तीन विषयों के शिक्षक होना अनिवार्य है, लेकिन शासन के इस आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। महासंघ ने डीएम से मांग की है कि तीनों विषय बार शिक्षकों की अनिवार्य तैनाती के नियम का ध्यान रखा जाए और साथ विद्यालयों के छात्रांकन में सामने आ रही गड़बड़ियों को दूर किया जाए और विकलांग, असाध्य रोग व गंभीर बीमारी से ग्रसित और महिला शिक्षिकाओं को उनकी सुविधा के अनुसार विद्यालय दिया जाए। इस दौरान जिला महामंत्री हरभजन सिंह, कैलाशचंद्र, भागचंद्र त्रिपाठी उपस्थित रहे।
वहीं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने भी जिलाध्यक्ष मो. अजमल खान के नेेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने विद्यालयों के छात्रांकन में सामने आई त्रुटियों को गंभीर त्रुटि बताते हुए समायोजन प्रक्रिया को संदेह पूर्ण बताया है। उन्होंने मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष छक्कीलाल साहू, जिला मंत्री हाकिम सिंह यादव, राजेश, अनिल सिंह उपस्थित रहे।