एक अगस्त 2015 से श्रावण मास प्रारंभ हो रहा है। पहला श्रावण सोमवार तीन अगस्त को पड़ेगा। श्रावण मास में शिवार्चन का विशेष महत्व है। हजारों की संख्या में श्रृद्धालुजन विभिन्न नदियों से जल संग्रह करके शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। जिले में 30 शिव मंदिर हैं, जहां श्रावण मास में परंपरागत रूप से शिव अर्चन होता है। मंदिरों में शिवार्चन करने वालों की भारी भीड़ रहती है। इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना हो, इस बात को लेकर शासन गंभीर है। कलेक्ट्रेट स्थित एनआइसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हुए शासन के मुख्य सचिव आलोक रंजन व पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव ने श्रवण मास में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। हर तरह के हालातों से निपटने के लिए प्रत्येक थाना स्तर पर क्यूआरटी गठित करके आवश्यकता अनुसार उनका उपयोग करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और लोगों को कैमरों की निगाह में होने के लिए आगाह किया जाए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया, ताकि जाम सरीखी समस्या उत्पन्न नहीं हो। थानेदारों को आयोजन स्तर पर सर्तक दृष्टि रखते हुए कानून व्यवस्था कायम रखने का संपूर्ण उत्तर दायित्व सौंपा गया है। पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने आयोजन स्थलों को सूचीबद्ध करते हुए आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती की योजना तैयार कर ली है। साथ ही, सभी थानाध्यक्षों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए हैं।
मालूम हो कि अभी तक जनपद मुख्यालय स्तर पर ही क्यूआरटी की व्यवस्था है, जिसमें तैनात जवानों को हर हालातों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही दंगा निरोधक संसाधन भी मुहैया कराए गए हैं।