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कूप गायब मिले

Wed, 29 Jul 2015 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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ग्रामीण मजदूरों को गांव में ही रोजगार देने और गांव में परिसंपत्तियों का निर्माण करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा मनरेगा योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत कराए जाने वाले कार्यों का सत्यापन कराए जाने के लिए सोशल ऑडिट की व्यवस्था की गई। इसी के तहत विकास खंड महरौनी में वर्ष 2014-15 में मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में अनेक कार्य हुए थे। इन कार्यों की हकीकत जानने के लिए सोशल ऑडिट कराया गया, जिसमें प्याज के छिलकों की तरह कमियां की परत खुलती चली गई। सोशल ऑडिट के दौरान जानकारी लगी कि ग्राम पंचायत कुसमाड़ में रामचरन पुत्र धमुवा के खेत पर 1.37 लाख रुपये की धनराशि सिंचाई कूप निर्माण में खर्च की गई थी। ग्राम विकास अधिकारी ने कूप निर्माण की कार्य पूर्ति की रिपोर्ट तो लगा दी, लेकिन मौके पर उक्त कुआं ही गायब है। बाद में रिपोर्ट में कूप को नष्ट होना बता दिया गया। इतना ही नहीं इसी पंचायत में तन्सू के घर से गौना मेड़े तक संपर्क मार्ग पर पुलिया का निर्माण गलत स्थान पर होने से रोड कट गया। यहीं पर गनेश पुत्र मुन्ना के खेत पर बंधी निर्माण में फर्जी कार्यपूर्ति दिखाकर 59 हजार रुपये का फर्जीवाडा उजागर हुआ है। ग्राम पंचायत देवरान कलां में छत्ते के खेत पर बंधी निर्माण तो किया गया, पर स्पिल-वे का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि धनराशि निकाल ली गई। यही स्थिति गेंदारानी पत्नी बालचंद्र के खेत पर बंधी निर्माण में रही। ग्राम पंचायत लुहर्रा में हुए सोशल ऑडिट में जानकारी लगी की 6.45 लाख रुपये की लागत से संतोष पुत्र पूरन के खेत पर बंधी का निर्माण कराया गया। इतनी धनराशि खर्च करने के बाद भी बंधी का फट जाना कई सवालों को जन्म दे रहा है। ग्राम पंचायत भदौरा में मोर्चा से जुगला के खेत तक संपर्क मार्ग पर पुलिया का निर्माण ही नहीं कराया गया। मौके पर निर्माण सामग्री भी नहीं थी। ग्राम पंचायत अगोड़ी में रमेश पुत्र अधरा, मनका पुत्र धनुवां और संतोष पुत्र रामदास के खेत पर बंधी निर्माण तो हो गया, लेकिन स्पिल-वे आज तक नहीं बनवाया गया है। यहीं पर राजेंद्र पुत्र रामचरन का कूप निर्माण अधूरा पाया गया। ग्राम पंचायत कोरवास में रामकिशोर पुत्र दलुवा और खिल्ला पुत्र तुलइयां का सिंचाई कूप अधूरा पड़ा हुआ है। ग्राम पंचायत साढूमल में कल्याण पुत्र उदल की बंधी पर स्पिल-वे का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि उसकी सामग्री खरीद ली गई। मौके पर सामग्री नदारद थी। ग्राम पंचायत चौकी में कोमल, दुर्जन और गुलझारी के सिंचाई कूप आज तक तैयार नहीं हो सके हैं। कुम्हेड़ी ग्राम पंचायत में प्रेम पुत्र थोवन का सिंचाई कूप निर्माण एमआईएस पर पूर्ण बताया गया, जबकि कूप की खुदाई मात्र 13 फुट की हुई है और मौके पर सामग्री की आपूर्ति भी नहीं हुई हैं। इसी तरह हज्जू, रतना और कन्छेदी का कूप निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। ग्राम पंचायत बारोन में बुद्दा, हल्का और ललंजुवा के सिंचाई कूप अधूरे पड़े हैं। ग्राम पंचायत पठा बिजैपुरा में हरकिशन पुत्र जालम का कूप ध्वस्त होना बताया गया है। कई ग्राम पंचायतों में मजदूरों द्वारा मजदूरी नहीं मिलने की भी शिकायत की गई।
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कार्यस्थल पर पहुंचने वाली निर्माण सामग्री का सत्यापन उक्त कार्य को करने वाले पांच मजदूरों के हस्ताक्षर पंजिका में कराए जाने आवश्यक हैं, लेकिन इस प्रकार की सामग्री पंजिका किसी भी ग्राम पंचायत में नहीं मिली। सोशल ऑडिट टीम द्वारा सौंपी गई इस रिपोर्ट पर खंड विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह ने उस समय संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस जारी कर कहा था कि उक्त रिपोर्ट के आधार पर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग प्रतीत हो रहा है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर कमियां पूरी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन ग्राम विकास अधिकारियों ने आज तक इस पर अमल नहीं किया हैं। बीडीओ के एक के बाद एक नोटिस जारी करने के बाद भी ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा इस पर ध्यान नहीं देने से खंड विकास अधिकारी ने नाराजी जताते हुए संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब कर पूछा है कि किन परिस्थितियों में इसका अनुपालन नहीं किया गया है। अब यदि उनके आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना तय है।
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