ललितपुर। जिले में उड़द खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए कई केंद्रों के प्रभारियों को बदला गया है। इसके बाद भी केंद्रों पर उड़द बेचने पहुंच रहे किसानों को राहत नहीं मिल पाई है। आज भी व्यापारियों के दखल के चलते उड़द खरीद सवालों के घेरे में बनी हुई है।
शासन ने किसानों को तय समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए क्रय केंद्र की स्थापना की है। इसमें पीसीएफ अमरपुर मंडी, सिलावन, सेरवासकला, देवरान, पारौल व बिरधा के नाम से क्रय केंद्र खुले हैं। इनमें बीते कई दिनों से व्यापारियों के माल तुलने की शिकायतें प्रशासनिक अफसरों को प्राप्त हो रही हैं। सबसे पहले मड़ावरा का केंद्र प्रभारी बदला गया। उसके बाद महरौनी व अमरपुर मंडी के केंद्र प्रभारी बदले गए। वहीं, पीसीएफ जिला प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया। जब जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने प्रशासनिक अफसरों सहित खुद मोर्चा संभाला तो कई केंद्रों पर गड़बड़झाला उजागर हो गया। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने मंडी में स्टाक की जांच की तो इस दौरान उन पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए मंडी बंद कर दी गई। व्यापारियों ने उन्हें सभापति पद से हटाने की मांग रखी दी। वहीं, जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बीते दिनों अमरपुर मंडी के केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया था और खरीद के अभिलेख जब्त कर दिए थे। वहीं, मड़ावरा में गड़बड़ी की आशंका में गोदाम सील कर दिया था। इन सबके बाद भी जिला प्रशासन उन तक नहीं पहुंच पाया तो इस क्षेत्र के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। यही वजह है कि वर्तमान में भी व्यापारी खरीद में अपना दखल बनाए हुए हैं। महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिन दिनों में मंडी बंद रही, उन दिनों में क्रय केंद्रों पर उड़द खरीद जरूर कमजोर हुई। यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
नहीं हो सकी बड़ी कार्रवाई
उड़द खरीद में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। जिस वजह से व्यापारियों का दखल पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है।
नजर रख रहे प्रशासनिक अधिकारी
उड़द खरीद पर प्रशासनिक अधिकारी नजर रखे हुए हैं। इसके चलते केंद्रों पर गड़बड़ियों पर अंकुश लगा है।
रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां
इतनी हुई खरीद
पीसीएफ अमरपुर में 1210.550 मीट्रिक टन, महरौनी 401.750 मीट्रिक टन, सेरवासकलां में 397.500 मीट्रिक टन, देवरान में 171.200 मीट्रिक टन, पारौल में 829.450 मीट्रिक टन, बिरधा केंद्र पर 622.250 मीट्रिक टन उड़द खरीदा गया है। इस प्रकार जिले में कुल 3632.900 मीट्रिक टन उड़द खरीद हुई है।
व्यापारियों नेताओं की मध्यस्थता से खुली मंडी
मंडी व्यापारियों ने एडीएम को सभापति से हटाने व व्यापारी का लाइसेंस बहाल करने की मांग को लेकर मंडी की थी। इससे किसान संगठनों ने व्यापारियों के मंडी बंद करने के निर्णय पर खुलकर विरोध जता दिया था। इस मामले में व्यापारियों के बड़े नेताओं ने मध्यस्थता की तब जाकर मंडी का कामकाज सामान्य हो सका।