जिलाधिकारी आवास समेत शहर के करीब 10 हजार परिवार को लोग दूषित पानी पी रहे हैं। मुहल्ला नझाई बाजार स्थित जल संस्थान के वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट में सफाई का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से काई की मोटी परत जम गई है। इसके अलावा परिसर में गंदगी और सुरक्षा व्यवस्था भी ठीक नहीं है। शाम होते ही जाम छलकने लगते हैं।
गौरतलब है कि जल संस्थान के नझाई बाजार स्थित जलकल अभियंता कार्यालय परिसर में विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते अव्यवस्थाएं फैल गई हैं। यहां के वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है। इस वजह से दीवारों एवं पीनी के ऊपरी सतह पर काई की पर्त जम गई है। इससे पानी की शुद्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शहर में पेयजल व्यवस्था के लिए तीन प्लांट है, जिनमें नझाई बाजार स्थित वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट से कसाई मंडी में बनी टंकी भरी जाती है, जिससे घुसयाना, कसाई मंडी, झांसीपुरा, बड़ापुरा, पठापुरा, रामनगर व महावीरपुरा आदि जगहों पर जलापूर्ति की जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि इसी फिल्ट्रेशन प्लांट से पंप के जरिये जिलाधिकारी आवास समेत आजादपुरा, सिविललाइन व श्रीवर्णी जैन चौराहे तक पानी उपलब्ध कराया जाता है। कुल मिलाकर शहर के 10 हजार परिवारों में जलापूर्ति इस प्लांट पर निर्भर है।
दूषित जलापूर्ति के अलावा भी काफी अव्यवस्थाएं हैं। परिसर में जगह-जगह गंदगी जमा है। 15 साल पहले यह परिसर एक खूबसूरत पार्क के रूप में जाना जाता था। फुलवारी, गमले और बीच में एक फव्वारा भी हुआ करता था। लेकिन, देखभाल के अभाव में परिसर पूरी तरह से उजड़ चुका है।
कब से नहीं हुई सफाई
नियमानुसार वाटर फिल्टर प्लांट की सफाई हर महीने की जानी चाहिए, लेकिन काई की मोटी परत देखकर लगता है कि चार महीने से सफाई नहीं कराई गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि 20 दिन पहले सफाई कराई थी।
शाम होते ही छलकते हैं जाम
विभाग द्वारा यहां पर सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरती जा रही है। परिसर में जगह-जगह डली शराब की खाली बोतलें खुद ही इस बात का सबूत हैं, कि यहां पर शाम होते ही जाम छलकने लगता है। अराजकतत्वों का भी जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां पर कार्यालय के कर्मी ही बैठकर शराब पीते हैं और बाहरी लोगों को भी बुलाते हैं।
होली के बाद होगी सफाई
फिल्ट्रेशन प्लांट की सफाई नियमित रूप से कराई जाती है। 20 दिन पहले सफाई कराई गई थी, यदि वहां गंदगी जमा हो गई है, तो फिर होली के बाद प्लांट की सफाई करा दी जाएगी।
-रघुवेंद्र कुमार
अधिशासी अभियंता जल संस्थान, ललितपुर।