ललितपुर/पाली। तहसील पाली में रिजर्व मतदान कार्मिकों ने मानदेय दिलाने के लिए उप सहायक निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कार्मिकों ने कहा कि उन्होंने पूरे दिन चुनाव ड्यूटी की, लेकिन जब मानदेय की बारी आई, तो अफसरों ने बजट न मिलने से बाद में मानदेय देने की बात कही।
महरौनी विधानसभा में रिजर्व मतदान कर्मियों को पाली, महरौनी, मड़ावरा अलग-अलग तहसीलों में ठहराया गया था। 19 फरवरी को नवीन गल्ला मंडी स्थल से शाम को पाली के लिए निर्धारित रिजर्व मतदान कार्मिकों को पाली तहसील परिसर भेज दिया गया। रिजर्व कार्मिक तहसील परिसर में डटे रहे, जहां आवश्यकता हुई वहां उनको भेजा भी गया। आरोप लगाया कि तहसील परिसर में मौजूद निर्वाचन अधिकारी यही कहते रहे कि 20 फरवरी को शाम छह बजे के बाद यहां से रिलीविंग के समय मानदेय सभी को दिया जाएगा। लेकिन शाम 6.30 बजे तक जब मानदेय नहीं दिया गया तो रिजर्व कार्मिकों में रोष व्याप्त हो गया। कार्मिकों का कहना था कि मौके पर ही मानदेय मिलना चाहिए क्योंकि बाद में फिर कोई सुनवाई होती नहीं है।
तहसील परिसर में तैनात उपसहायक निर्वाचन अधिकारी तहसीलदार नरेश चंद्र से कार्मिकों ने बात की, तो उन्होंने कहा उन्हें उच्च अधिकारियों से मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए अभी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने उच्च अधिकारियों से फोन पर भी बात की। एसडीएम महरौनी ने उन्हें मोबाइल पर बात करने पर उन्होंने बाद में मानदेय देने की बात कही है। रिजर्व मतदान कार्मिकों ने एक ज्ञापन सहायक निर्वाचन अधिकारी महरौनी के नाम उप सहायक निर्वाचन अधिकारी तहसीलदार पाली को दिया। मतदान कार्मिकों में तमाम दूरदराज से आने वाली महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदान कर्मी भी शामिल थे। बाद में शाम साढ़े छह बजे तक मानदेय नहीं मिला तो रिजर्व कार्मिक निराश होकर वापस लौट गए। इस दौरान रिजर्व पीठासीन अधिकारी सुरेंद्र कुमार निरंकारी, डॉ. सुनील जैन रिजर्व पीठासीन, धर्मेंद्र कुमार, सतेंद्र प्रताप सिंह रिजर्व पीठासीन, सुशील श्रीवास्तव, अंतरिक्ष खैरा, संतोष गुप्ता, अजयकुमार सेन,सतेंद्र सेंगर, शैलजा श्रीवास्तव, रामलली साहू, देवेंद्र सिंह यादव, रमेशचंद्र, गोविंद करोड़ा, राजकुमार वर्मा, गजेंद्र कुमार, ओपी निरंजन, सत्यनारायण पटेल, शंकर दयाल, रजनी, शोभाराम, चंद्रभान, ज्ञानीराम, पूरनलाल, संतोष कुमार, हरदेव सिंह, हिमानी, नत्थी बाई आदि रिजर्व पीठासीन, मतदान कर्मी मौजूद रहे।
-इनका कहना है :
पूरी जिम्मेदारी से हम लोगों ने रिजर्व मतदान कार्मिक की डयूटी की है। सभी रिजर्व कार्मिकों को मौके पर ही मानदेय मिलना चाहिए था। बाद में कुछ सुनवाई होती नहीं है।- डॉ. सुनील जैन, रिजर्व पीठासीन
अधिकारी बता रहे थे कि राशि प्राप्त नहीं हुई है, मिलने पर आप लोगों को दे दी जाएगी। लेकिन क्या बिना राशि जारी हुए चुनाव होता है। - संतोष गुप्ता, रिजर्व मतदान कर्मी
दिनभर निर्वाचन अधिकारी आश्वस्त करते रहे कि रिलीविंग के समय मानदेय दिया जाएगा। लेकिन रिलीविंग के समय कह दिया गया कि बाद में दिया जाएगा।-अजयकुमार सेन,
रिजर्व प्रथम मतदान कार्मिक-ड्यूटी की समाप्ति के समय मानदेय मिलना चाहिए था। लेकिन शाम तक मानदेय नहीं मिला। -शैलजा श्रीवास्तव एवं अंतरिक्ष खैरा, रिजर्व मतदान कर्मी