धरती को हरा भरा बनाए रखने के लिए वन विभाग के माध्यम से लाखों-करोड़ों रुपये नये पौधे लगाने और उनके रखरखाव में खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन मड़ावरा रेंज के बम्होरीकला गांव में सड़क किनारे सूखे पौधे ही लगाकर वन विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली।
गौरतलब है कि हर साल की तरह इस साल भी जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में वनमहोत्सव मनाया गया। इस दौरान बम्होरीकला गांव में सड़क किनारे दोनों ओर जिलाधिकारी की मौजूदगी में भी कुछ पौधे लगाए गए थे। वनमहोत्सव मनाए जाने के कुछ दिनों बाद ही 30 से 40 फीसदी पौधे सूख गए। अब बड़ा सवाल यह सामने आता है कि इतने जल्दी यह पौधे कैसे सूख गए। बहरहाल यह मामला वन विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। जब विभाग द्वारा मुख्य सड़क के किनारे कराए गए पौधरोपण में ही इस तरह की कारगुजारी की जा रही है। तब घने जंगलों में किए जाने वाले पौधरोपण और उनका रखरखाव किस तरह किया जाता होगा यह अनुमान आसानी से ही लगाया जा सकता है। इस संबंध में डीएफओ वीके जैन का कहना है कि कई पौधे रोपने के बाद सूख जाते हैं, सूख चुके पौधों के स्थान पर नये पौधे लगाए जाएंगे।