ललितपुर। समाजवादी पेंशन की परिचय युक्त पासबुक के नाम पर गरीब व निर्धन लाभार्थियों का शोषण किया जा रहा है। नगर पालिका के कुछ कर्मियों ने इसे अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया हो तो कुछ वार्ड पार्षद इस पासबुक के जरिए अपना वोट बैंक बढ़ाने में जुट गए हैं।
प्रदेश सरकार शहरी व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब व असहाय परिवारों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए विगत तीन वर्षों से समाजवादी पेंशन योजना चला रही है। इसी योजना के तहत प्रदेश सरकार समस्त लाभार्थियों को परिचय पत्र वाली पासबुक बांट रही है, जिसका शुभारंभ ललितपुर जनपद में 31 अगस्त से हो गया है। इस पेंशन योजना में सबसे अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। सरकार की मंशा है कि महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिल सके और वह इस आर्थिक सहायता से अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा लाभार्थियों को जारी की जाने वाली इस पासबुक को तैयार करने की जिम्मेदारी समाजकल्याण के अधिकारियों ने नगर व अन्य संबंधित स्थानीय निकायों को दे दी है। नगर पालिका क्षेत्र में कुल 8,600 लाभार्थियों को पासबुक बांटी जानी हैं। पासबुक पर जानकारी अंकित करने की जिम्मेदारी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने विभाग के कुछ वरिष्ठ लिपिक, लिपिक, मुहर्रर व स्वास्थ्य नायकों को वार्ड बार सौंप दी है।
कुछ कर्मियों ने इस पासबुक को अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया है। कर्मियों द्वारा लाभार्थियों को इस बात का भय दिखाया जा रहा है कि बिना पासबुक के पेंशन का लाभ नहीं मिल सकेगा और ऐसा करके कुछ कर्मी लाभार्थियों से पासबुक जारी करने के नाम पर अवैध वसूली करने में जुट गए हैं। इन लाभार्थियों में सबसे ज्यादा संख्या महिला लाभार्थियों की है, जो शिक्षा व जागरुकता के अभाव में अवैध वसूली का शिकार बन रही हैं। पासबुक के बिना पेंशन नहीं मिलने के भय से महिलाएं दर-दर भटक रहीं हैं। आए दिन नगर पालिका में महिलाओं का जमावड़ा लगा रहता है। इसी परेशानी से बचने के लिए वह सुविधा शुल्क देने को मजबूर भी हो रही हैं।
नपा कर्मियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली के संबंध में अमर उजाला ने 07 सितंबर के अंक में "पासबुक वितरण के नाम पर हो रही वसूली" नामक शीर्षक से
समाचार प्रकाशित किया था, इसके बाद भी अधिकारी इस वसूली पर कोई रोक नहीं लगा पा रहे हैं। वहीं इसका फायदा उठाने में नगर पालिका के कुछ पार्षद भी पीछे नहीं हैं, जो अपनी वोटबैंक मजबूत करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के लाभार्थियों का शोषण करने में जुटे हुए हैं। कुछ पार्षदों ने खुद ही पासबुक वितरण करने का जिम्मा उठा लिया है, तो कुछ ने तो कर्मियों को पासबुक बांटने से मना कर दिया है, ताकि पासबुक पाने के लिए लाभार्थियों को उनके पास आने के लिए मजबूर होना पड़े। वह लाभार्थियों को पासबुक दिलाकर उनकी सहानुभूति लूट सकें और अपना वोट बैंक फिक्स कर सकें। वहीं नगर पालिका के कई कर्मियों ने अब तक पासबुक तैयार करने का काम शुरु भी नहीं किया है।
समाजवादी पेंशन लाभार्थियों को बांटी जाने वाली यह परिचय युक्त पासबुक पेंशन योजना का लाभ लेने का प्रमाण पत्र व परिचय पत्र है। यदि लाभार्थी के पास पासबुक नहीं होगी हो उसकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी और पासबुक का उपयोग बैंकों में भी नहीं होगा। लाभार्थी पेंशन नहीं मिलने के भय से किसी तरह से शोषण का शिकार न बनें। यदि किसी कर्मचारी या फिर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पासबुक वितरण के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है तो पीड़ित वसूली करने वाले के खिलाफ लिखित शिकायत दे सकते हैं, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रवण कुमार गुप्ता
जिला समाज कल्याण अधिकारी, ललितपुर