ललितपुर। आर्यिका आदर्शमति माता ने कहा कि त्याग में जीवन का सुख और राग दुखों का कारण है। त्याग के माध्यम से जीवन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। त्याग को मुक्ति का द्वार बताते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय का त्याग भी आपको मुक्ति प्रदान कराने में सहयोगी होता है। पूजा अनुष्ठान का जो अवसर मिले उसमें मोह, राग, द्वेष का त्याग कर प्रभु की भक्ति करें। यह त्याग आपको महान बनाएगा। आदर्शमति माता शुक्रवार को क्षेत्रपाल मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर रहीं थीं।
धर्मसभा में पाठशाला की छात्राओं ने तत्वार्थसूत्र का वाचन किया, जबकि दिगंबर जैन पंचायत के पदाधिकारियों ने आचार्य श्री के चित्र का अनावरण किया। उधर, जैन अटामंदिर में आर्यिका दुर्लभमति माता जी ने कहा त्याग हमारी आत्मा को स्वस्थ और सुंदर बनाता है, इसको धारण करने में सुख मिलता हैं। त्याग हमें परिग्रह से मुक्ति दिलाता है त्याग एक ऐसा धर्म है जिसके बिना हमारा जीवन कष्टमय हो जाता है। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से श्रावकों को त्याग धर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। धर्मसभा के पूर्व आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का सामूहिक पूजन किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने दशलक्षण पूजन कर पर्यूषण पर्व की आराधना की।
इधर, जैन नया मंदिर में आर्यिका अभिषेक शांतिधारा के उपरांत निशा जैन, यश जैन, अंशिका जैन ने तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया। अर्घ समर्पण सुरेंद्र कुमार,मनोज जैन एवं अरविंद कुमार पारौन परिवार द्वारा किया गया। मंगलाचरण परी जैन,मिष्ठी मोदी एवं तरु जैन ने किया। दीपा जैन ने दक्षलक्षण पर्व पर अपनी भावांजलि अर्पित की। आर्यिका अनुपममति माता ने कहा उपकार की भावना से अपनी वस्तु का त्याग करना दान है। यह शांति और निराकुलता त्याग मार्ग में ही संभव है। उन्होंने श्रावकों से जीवन में त्याग धर्म धारण कर कल्याण के मार्ग में प्रशस्त होने के लिए प्रेरित किया।
सुबह नगर के जैन अतिशय क्षेत्र क्षेत्रपाल, जैन अटामंदिर, बडा मंदिर वहुबलि नगर नईबस्ती आदिनाथ मंदिर चंद्रप्रभु मंदिर डोड़ाघाट, शांति नगर मंदिर गांधीनगर, इलाइट जैन मंदिर, सिविल लाइन जैन मंदिर, एंबोशिया कॉलोनी में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ रात्रि में नगर के जैन मंदिरों में सायंकाल संगीतमय आरती में श्रद्धालुजन शामिल हुए।
लव जिहाद नाटिका के माध्यम से बालिकाओं को किया जागरूक
क्षेत्रपाल मंदिर में विद्या पूजा मंडल द्वारा लव जिहाद नाटिका का मंचन करके बालिकाओं को जागरूक किया गया। संयोजिका मधु खजुरिया ने बताया कि इस नाटिका के माध्यम से वर्तमान में बेटियों को सुसंस्कारित करने के लिए प्रेरित किया गया। नाटिका के मंचन में राशि जैन, अनीता मोदी, संध्या जैन, प्रियांशी, महक बुखारिया, प्रियल, श्वेता, दिव्या, पिंकी, अंशुल,अर्चना, अर्शी, अनुभा एवं परी की भूमिका सराहनीय रही।