मड़ावरा। ब्लॉक क्षेत्र के नीमखेरा ग्राम पंचायत का परसाटा गांव आज भी विकास के लिए तरस रहा है। आलम यह है कि गांव के तमाम रास्ते कच्चे पड़े हैं और नालियों के अभाव में रास्ते दलदल में तब्दील होते जा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग के बाद भी जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
गांव में सुखसिंह लोधी के मकान से सहरिया बस्ती की ओर जाने वाला रास्ता कीचड़ से सराबोर रहता है जिससे होकर गुजरना काफी परेशानी भरा है। वहीं गांव की मुख्य सड़क पर वर्षों पहले बनवाई गई नालियों की एक बार भी सफाई नहीं कराई गई जिसके चलते गंदगी से बजबजाती नालियों से उठने वाली दुर्गंध से खासी दिक्कत हो रही है तो वहीं गंदगी में पनपने वाले मच्छर-मक्खियों एवं अन्य जीवों से संक्रामक बीमारी फैलने को संभावना बनी हुई है।
नीमखेरा से परसाटा की ओर जाने पर यात्री प्रतीक्षालय से धर्मेंद्र सिंह के मकान तक नालियों की गंदगी सड़क पर बह रही है। गांव में विकास के नाम पर पिछली पंचायत द्वारा थोड़ी से सीसी रोड बनवाई गई वहीं मनरेगा योजना के तहत भी कोई खास काम गांव में नहीं करवाया गया।
गांव से मंदिर को जाने वाला रास्ता जर्जर और उखड़ा पड़ा है, मंदिर जाने में ग्रामीणों का काफी दिक्कत होती है, पंचायत में कई बार मांग रखने के बाद भी मंदिर तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई।-राजीव तिवारी
गांव में खेल मैदान अतिक्रमण का शिकार है। नगर पंचायत द्वारा खेल मैदान के समतलीकरण, तारबाड़ी और हैंडपंप स्थापना के नाम पर खिलवाड़ हुआ। इसकी जांच कर खेल मैदान को विकसित कराया जाए- धर्मेंद्र सिंह
गांव में गंदगी का अंबार लगा है। साफ-सफाई के अभाव में रास्ते गंदगी और कीचड़ से पटे पड़े हैं। पंचायत सफाईकर्मी वर्षों से नहीं दिखाई दिए, जिम्मेदार अधिकारी गांव की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।-हल्काईं
गांव वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। जनप्रतिनिधियों द्वारा गांव के विकास में कोई सहयोग नहीं किया बल्कि सरकारी योजनाओं में घालमेल कर लूटखसोट की जा रही है।-हरगोविंद