ललितपुर। जिले में प्रधान पद के आरक्षण आई 180 आपत्तियों का निस्तारण चुनौती बन गया है। इसकी वजह विभिन्न पदों के मुकाबले प्रधान पद पर सर्वाधिक आपत्ति दर्ज हुई हैं जो चर्चा का विषय बन गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों पर प्रस्तावित किए आरक्षण को अब फाइनल करने की बारी है। उससे पहले विभागों को प्राप्त हुई आपत्तियों का निस्तारण करना है। प्रधान पद पर सबसे अधिक एक सौ अस्सी आपत्तियां दर्ज हुई हैं। इसके अलावा अन्य पदों के आरक्षण पर भी लोगों को आपत्ति हैं। इन आपत्तियों के निस्तारण को गठित समिति बैठी। इस दौरान आपत्तिकर्ता द्वारा रखे गए तर्क व आंकड़ों पर विचार किया गया, साथ ही विभाग के आंकड़ों से उसका मिलान किया गया। गठित समिति में जिलाधिकारी, सीडीओ, डीपीआरओ व अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत शामिल हैं। उधर, सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने संबंधी पत्र वायरल हो गया। इससे संभावित दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई और उन्होंने इसकी सत्यता जानने के लिए दूरभाष के माध्यम से अधिकारियों से संपर्क साधना आरंभ कर दिया। हालांकि, अफसरों ने इस तरह का पत्र जारी होने से इंकार कर दिया।
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पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने संबंधी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
अनिल कुमार पांडेय, सीडीओ
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विभिन्न पदों के आरक्षण पर आई आपत्तियों के निस्तारण के लिए गठित समिति बैठ रही है और देर रात्रि तक आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा।
डॉ. अवधेश सिंह, डीपीआरओ