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लचर प्रक्रिया के चलते पाकिस्तान से रिहा सोनू सिंह को लाने में हो रही देरी

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ललितपुर। ललितपुर का सोनू पाकिस्तान की जेल से तो 13 साल बाद रिहा होकर भारत आ गया पर सरकारी अफसरों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता की सजा भुगत रहा है। वह एक महीने बाद भी अमृतसर से ललितपुर नहीं आ सका है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि जिला प्रशासन के अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है। सोनू के पिता, चाचा अमृतसर जाकर लौट आए हैं। परिवार वाले अपने लाड़ले के इंतजार में छटपटा रहे हैं। अमर उजाला ने उनके दर्द को महसूस किया। साथ ही, जिम्मेदारों को जगाने और सोनू को वापस घर लाने की ठानी है। इस संबंध में उपायुक्त अमृतसर गुरप्रीत सिंह खैरा से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि ललितपुर का कोई जिम्मेदार अधिकारी अभी तक यहां नहीं आया है। वहां से कोई जिम्मेदार अधिकारी आते ही सोनू को सौंप दिया जाएगा।
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ललितपुर के मड़ावरा थाना के ग्राम सतवांसा निवासी सोनू सिंह लगभग 15 वर्ष पूर्व घर से लापता हो गया था। परिजनों व गांव के लोगों ने उसके लौटने की सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं। एक साल पहले परिजनों को तब उसके पाकिस्तान की जेल में बंद होने की जानकारी मिली, जब पाकिस्तान ने भारत सरकार से उसकी नागरिकता के संबंध में जानकारी मांगी। बीते माह 26 अक्तूबर को वह रिहा होकर पाकिस्तान से पंजाब के अमृतसर में भेज दिया गया और उसे वहां क्वारंटीन किया गया, उसकी क्वांरटीन अवधि भी पूरी हो गई और अब वह वहां नारायणगढ़ के एक कम्युनिटी सेंटर में रह रहा। लेकिन उसे वापस लाने की कागजी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
परिजन उसके घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लचर प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते उसकी घर वापसी नहीं हो पा रही है। परिजनों पर एक-एक पल भारी पड़ रहा है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी एक-दो दिन में प्रक्रिया पूरी होने की कहकर परिजनों को मात्र दिलासा भर दे रहे हैं, लेकिन अब तक कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस संबंध में जब स्थानीय समाजसेवियों एवं नागरिकों से बात की तो उन्होंने इसे प्रशासन की संवेदनहीनता बताया और आलाधिकारियों से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूूरी करके सोनू सिंह को घर वापस लाने की अपील की है।
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‘आपने (अमर उजाला) हमसे संपर्क किया पर क्या ललितपुर के प्रशासन से यहां कोई आया। देखिए किसी की जिंदगी का मामला होता है। एक व्यक्ति जो वर्षों दूसरे देश में जेल काट कर आया है उसकी मानसिक, शारीरिक स्थिति आप समझ सकते हैं। हम ऐसे किसी को भी उन्हें नहीं सौंप सकते। ललितपुर प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी अभी तक हमारे पास नहीं आया है। वहां से तहसीलदार, नायब तहसीलदार स्तर का भी अधिकारी आ जाए हम लिखा-पढ़ी कर सौंप देंगे। किसी स्तर पर दिक्कत हो आप हमें बताएं हम समाधान करेंगे। अन्य राज्यों व जिलों से प्रशासन के अधिकारी आकर अपने जिले के लोगों को ले जा चुके हैं। हम हर संभव सहयोग के लिए तैयार हैं। ’
गुरप्रीत सिंह खैरा, उपायुक्त अमृतसर
पत्राचार पूरा कराने के लिए एडीएम नियुक्त
सोनू सिंह के संबंध में प्रक्रिया जारी है। पत्राचार पूरा कराने के लिए अपर जिलाधिकारी को नियुक्त किया गया है।
अन्नावि दिनेश कुमार जिलाधिकारी
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गंधर्व सिंह लोधी से पत्र प्राप्त हुआ है, जिस पर कार्रवाई चल रही है। सोनू सिंह के संबंध में एसपी व एसडीएम से आख्या मांगी जा रही है। इसमें वह कब गायब हुआ आदि का ब्योरा मांगा गया है।
अनिल कुमार मिश्र अपर जिलाधिकारी
सांसद, विधायक अन्य जनप्रतिनिधि भी सो रहे
बात-बात पर क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान कराने का झंडा बुलंद करने और दावे करने वाले क्षेत्रीय सांसद और विधायक भी सोनू के मामले में अभी तक मदद को सामने नहीं आए हैं। किसी ने भी अपने स्तर पर पहल नहीं की है। सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों का यही हाल है। पूर्व सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस संबंध में अभी तक आवाज नहीं उठाई है।
कागजी प्रक्रिया अनावश्यक न उलझाएं
ललितपुर का लाल जब पाकिस्तान से मुक्त हो सकता है तो यहां उसकी घर वापसी में इतना विलंब किस वजह से हो रहा है, यह समझ से परे है? उसके घर वाले और जिलावासी उसके लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब प्रशासन को चाहिए कि कागजी प्रक्रिया को अनावश्यक न उलझाकर उसके जल्दी घर वापसी के प्रयास तेज किए जाए।
संतोष शर्मा, संयोजक, इंटैक चैप्टर
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अपने ही देश में बंदी बना है सोनू
प्रशासनिक प्रक्रिया का यह बहुत ही दुखद पहलू है कि एक व्यक्ति दुश्मन देश से तो स्वदेश वापस आ गया, लेकिन खुद के देश में वह जटिल व लापरवाह प्रशासन की प्रक्रिया में बंदी बन कर रह गया है। प्रशासन को चाहिए कि जहां भी कमी रह गई हो, वह शीघ्र पूरी करके सोनू सिंह को अमृतसर प्रशासन से अपनी सुपुर्दगी में लेकर उसके परिजनों से मिलाए।
पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अध्यक्ष मानव ऑर्गनाइजेशन।
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कुंभकर्णी नींद से जागे प्रशासन
जिला प्रशासन को कुंभकर्णी नींद से जागकर अपने स्तर पर जल्द से जल्द बच्चे की वापसी के प्रयास करना चाहिए। यदि प्रशासन स्तर पर लापरवाही हो तो मुख्यमंत्री और पीएमओ को इससे अवगत कराना चाहिए। यदि किसी उद्योगपति या नेता का बेटा होता तो क्या प्रशासन अभी तक सोता रहता? प्रशासन को जरूरी प्रक्रिया तत्परता के साथ पूरी करनी चाहिए।
श्रीप्रकाश चौबे, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन।
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कागजी प्रक्रिया मेें विलंब होना लापरवाही
पाकिस्तान की जेलों में यातनाएं सहने वाला सोनू सिंह अपने देश तो लौट आया है लेकिन संवेदनाएं भूल चुका प्रशासन और प्रशासन की लापरवाह कागजी प्रक्रिया के चलते उसके घर लौटने में अभी वक्त लग रहा है। प्रशासन को संवेदनहीनता भुलाकर मानवता के तहत सोनू को जल्द से जल्द वापस घर भेजना चाहिए।
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बाबू लाल तिवारी, पूर्व पार्षद।
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