ललितपुर। उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. कंचन जायसवाल ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जिला चिकित्सालय में पैसों की मांग की शिकायत पर उन्होंने सीएमएस को दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बुधवार को डॉ. कंचन जायसवाल जिला चिकित्सालय में संचालित वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं। उन्होंने स्टाफ रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर और ड्यूटी रजिस्टर देखा। ड्यूटी रजिस्टर में महिला आरक्षी के अवकाश का कारण पूछा, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उन्होंने सुगमकर्ता कोे कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला हेल्पलाइन पर आईं कॉल रजिस्टर को देखा। उन्होंने कई शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात की। ममता राजपूत ने चिकित्सालय में पैसे मांगने की शिकायत की, इस पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके बाद विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई के दौरान पिछली जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की। कुल छह मामले आए। पहला मामला फरहान खान का था, बताया कि वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है। डा. जायसवाल ने समाज कल्याण विभाग को समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए। दूसरा मामले में हल्की पत्नी प्रकाश ने आवास नहीं बनने की शिकायत की, परियोजना निदेशक डूडा ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला को आवास बनने तक अस्थाई तौर पर आसरा आवास में ठहराया गया है। इसी तरह सुरेश पत्नी ओम प्रकाश और भागवती पत्नी ओम ने भी आवास नहीं बनने की शिकायत की। दोनों के आवास संबंधी दस्तावेज पीओ डूडा को सौंपते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान लता ने अपने पति द्वारा दूसरी शादी करके धोखा देने की शिकायत की। इस पर उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए कि इस प्रकरण में प्राथमिकता से कार्रवाई करें। उन्होंने राशनकार्ड एवं श्रम विभाग की शिकायतों के निस्तारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने महिलाओं को 181 तथा 1090 महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। इस दौरान उप जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र कुमार पटेल, पीओ डूडा राजीव शुक्ला, बाल कल्याण समिति के सदस्य कैलाश अग्रवाल, पुलिस अधिकारी एवं महिला पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।