ललितपुर। चिकित्सकों की लापरवाही से नसबंदी ऑपरेशन करने में लापरवाही और असावधानी बरतने के मामले में स्थायी लोक अदालत ने लापरवाह चिकित्सकों पर चार लाख रुपये क्षतिपूर्ति और व्यय के रूप में दस हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
थाना बालाबेहट के ग्राम महौली निवासी राजेंद्र कुमार सेन व उसके छह बच्चों की ओर से विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत स्थायी लोक अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी पत्नी रचना सेन ने दो नवंबर 2021 काे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा में नसबंदी ऑपरेशन चिकित्साधिकारी डॉ.अजय भाले से कराया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने घोर लापरवाही एवं उपेक्षापूर्वक रचना सेन की आंत काट दी, जिससे उसकी आंत में छेद हो गया था। उसका पेट फूलने लगा और उसके पेट में दर्द होने लगा। रचना को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वह पांच दिसंबर से 21 दिसंबर तक झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती रही, जहां उसे बताया गया कि नसबंदी के दौरान रचना की आंत काट दी गई है, जिस कारण उसके पेट में मल पदार्थ भरने लगा है और पेट फूलने लगा। मेडिकल कॉलेज झांसी के चिकित्सक द्वारा रचना के पेट का ऑपरेशन किया गया और पेट खोलने पर उसकी छोटी आंत में एक गुना एक सेंटीमीटर का छेद पाया गया। अल्ट्रासाउंड फाइंडिंग में रिपोर्ट आई कि अत्यधिक द्रव पेट की केविटी में भरा हुआ है और आंत फट चुकी है। उसने आरोप लगाया कि डॉ.अजय भाले ने नसबंदी ऑपरेशन करने में घोर लापरवाही व असावधानी बरतते हुए रचना सेन की आंत काट दी, जिस कारण उसकी 09 जनवरी 2022 को उसकी मौत हो गई। उसने इसकी सूचना थाना बालाबेहट में उसी दिन दी थी, जिस पर उसका पोस्टमार्टम कराया गया था। इस मामले में स्थाई लोक अदालत की अध्यक्ष सरिता वाधवानी, सदस्य संगीता जायसवाल और ममता जैन की अदालत ने सुनवाई करते हुए चिकित्सक व सीएमओ को दो माह में मृतका के पति व उनके बच्चों को दो माह में चार लाख रुपये क्षतिपूर्ति राशि अदा करने के आदेश दिए। यदि दो माह में चार लाख की क्षतिपूर्ति अदा नही की जाती है तो आदेश के दिन से अदायगी तक सात फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज अदा करना होगा। वहीं अदालत ने पीड़ितों काे व्यय दस हजार रुपये भी वहन करने के आदेश दिए।