ललितपुर। लंबे समय से डटे वन दरोगाओं को एक रेंज से दूसरी रेंज में भेजा जाएगा। इसके लिए डीएफओ ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वन विभाग में एसडीओ, रेंजर के तबादले लगभग हर साल होते हैं। लेकिन, दरोगाओं के स्थानांतरण पर ध्यान नहीं दिया जाता है। यही वजह है कि तमाम दरोगा को एक ही रेंज में दस से पंद्रह साल हो गए हैं। कई रिटायरमेंट के आसपास आ गए हैं। सूत्र बताते हैं कि तीन वन दारोगा तो ललितपुर रेंज से नाता सा हो गया है। ललितपुर रेंज में एक वन दरोगा करीब दो दशक से सेवाएं दे रहे हैं। बीच में करीब छह माह के लिए तालबेहट रेंज में गए थे, उसके बाद दोबारा ललितपुर रेंज में ज्वाइनिंग पा ली। दूसरे वन दरोगा की लगभग नौकरी ललितपुर रेंज में गुजर चुकी है।
अब कुछ ही साल रिटायरमेंट को शेष रह गए हैं। वहीं तीसरे वन दरोगा नियुक्ति के समय से जखौरा रेंज में डटे हैं। इसी रेंज में एक अन्य वन दरोगा को करीब छह साल होने जा रहे हैं। तालबेहट में तैनात वन दरोगा को नियुक्ति और उसके बाद प्रमोशन यही मिला है। इस दौरान कुछ समय के लिए ललितपुर वन रेंज कार्यालय में सम्बद्घ जरूर रहे हैं।
दो दशक पहले मड़ावरा में वन दरोगा की तैनाती हुई थी। इसके बाद धीरे से महरौनी ब्लाक में आ गए। वहीं बार रेंज में तैनात वन दरोगा को करीब दस साल तो दूसरे को भी लगभग इतना ही समय होने जा रहा है।
गौना रेंज में वन दरोगा को करीब आठ वर्ष एवं दूसर वन दरोगा को लगभग सात साल हो गए हैं। इससे प्रतीत होता है कि विभागीय अफसरों ने स्थानांतरण नीति में वन दारोगाओं को कभी छेड़ा नहीं है। डीएफओ वीके जैन ने वन दारोगाओं को यहां से वहां करने का मन बना लिया है।
पौधरोपण कार्यक्रम की वजह से जुलाई माह में वन दरोगाओं के स्थानांतरण नहीं हो सके थे। अब मुख्य वन संरक्षक से वार्ता उपरांत वन दरोगाओं को एक रेंज से दूसरी रेंज में भेजने की प्रक्रिया की जाएगी।
वीके जैन
डीएफओ ललितपुर।