ललितपुर। शुक्रिया यातायात विभाग को कि शहर को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए शुरू की गई वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था बुधवार को फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौट आई। दरअसल, पटरी से उतरी व्यवस्था से शहरवासियों को दिक्कत होने लगी थी। अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था, जिस पर कार्रवाई की गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
नगर क्षेत्र के अंतर्गत पुराने तहसील चौराहे से वीर सावरकर चौक तक लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जनता की मांग पर पूर्व पुलिस अधीक्षक ने तीन पहिया वाहनों और चार पहिया वाहनों समेत अन्य भारी वाहनों का सावरकर चौक से घंटाघर की ओर प्रवेश बंद कर दिया था, जिससे जनता को जाम की समस्या से काफी राहत मिली थी। जनता ने इस व्यवस्था को प्रारंभ करने के लिए पुलिस अधीक्षक के प्रयास की सराहना भी की थी।
लेकिन, उनके तबादले के तत्काल बाद से ही वनवे व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। साथ ही शहर की जनता को ट्रैफिक समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को अमर उजाला ने 23 दिसंबर के अंक में पेज नंबर दो पर प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था, साथ ही लोगों को हो रही परेेेशानी के मुद्दे को भी उठाया था।
इसे संज्ञान में लेते हुए यातायात पुलिस ने फिर से सक्रियता दिखाते हुए वन-वे ट्राफिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया। इसका असर बुधवार को दिखाई दिया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ पुलिस सख्त नजर आई।
वन-वे का पालन नहीं करने पर काटे चालान
वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था को एक बार फिर से पटरी पर लाने के लिए घंटाघर स्थल पर यातायात प्रभारी नीरज दीक्षित ने अपनी टीम के साथ चेकिंग अभियान चलाया और वन-वे प्रणाली के नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के चालान काटे।
यह चेकिंग अभियान बुधवार की देर शाम तक चलाया गया। इस दौरान यातायात पुलिस ने दो दर्जन से अधिक तीन पाहिया वाहनों और आधा दर्जन चार पहिया वाहनों के चालन काटे।