संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। सोमवार को ब्लॉक बिरधा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक मात्र चिकित्सा अधीक्षक डॉ. छत्रपाल मरीजों को देख रहे थे, जबकि बाल रोग विशेषज्ञ व आयुष चिकित्साधिकारी मौजूद नहीं थे। उनकी ओपीडी में ताले लटक रहे थे। लैब टेक्नीशियन कक्ष खाली पड़ा था। शौचालय में भी गंदगी का अंबार मिला।
सोमवार को ब्लॉक मुख्यालय बिरधा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर 12 बजे अमर उजाला की टीम ने सेवाओं की हकीकत जानी। इमरजेंसी कक्ष के बाहर स्ट्रेचर अव्यवस्थित पड़ा नजर आया। इसका एक भाग अलग तो दूसरा भाग अन्य स्थान पर पड़ा रहा। चिकित्सक ड्यूटी रूम खुला था, लेकिन चिकित्सक नदारद मिले। दंत चिकित्सक की ओपीडी पर ताला लगा था। एएनसी/पीएनसी ओपीडी कक्ष भी सूना रहा। बाल रोग विशेषज्ञ व आयुष चिकित्साधिकारी की ओपीडी बंद रही। पैथोलॉजी कक्ष खुला तो था, लेकिन लैब टेक्नीशियन गायब थे। माइनर ओटी व इंजेक्शन कक्ष भी बंद था। इसमें ताले लटके हुए थे। हर्बल गार्डन भी सफाई के अभाव में बदहाल बना हुआ है।
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हैंडपंप के पास जमा दूषित पानी
अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के सामने एक हैंडपंप लगा है। इसमें सफाई न होने से गंदगी व जलभराव बना है। लोग पानी पीने के लिए पास जाते, लेकिन हालत देखकर वापस हो रहे।
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क्षतिग्रस्त पड़े डस्टबिन
अस्पताल परिसर में डस्टबिन रखे गए हैं, लेकिन अनदेखी के चलते अव्यवस्थित बने हैं। स्टैंड क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। इससे इधर-उधर कचरा बिखरा है।
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अस्पताल में तीन चिकित्सक हैं, इनमें एक चिकित्सक प्रशिक्षण में लखनऊ गए हैं। वहीं मुख्यालय पर विभागीय कार्यक्रम में एक चिकित्सक शामिल होने के लिए आए थे। इससे समस्या रही। अन्य के मौजूद न होने की जानकारी हुई है। इस पर संंबंधित से जांच कराई जाएगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी