फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब प्रधानों पर होगी मिड-डे मील की जिम्मेदारी

Sun, 03 Jan 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो ललितपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। स्कूली बच्चों की थाली में पका-पकाया और गर्म पौष्टिक आहार परोसने का जिम्मा अब ग्राम पंचायत के कंधों पर आ गया है। वर्तमान में प्रधानाध्यापक भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं, जिससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसे ध्यान में रखकर शासन ने यह निर्णय लिया है।
विज्ञापन


राजकीय, सहायता प्राप्त और परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा आठ तक के बच्चों को दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। योजनांतर्गत जिले के 1,560 विद्यालयों को चुना गया है। इस योजना को पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए नियम कायदे बने हैं। इसके बाद भी योजना में कभी कन्वर्जन कास्ट तो कभी अनाज हड़पे जाने के मामले उजागर हो रहे हैं। बीते सालों में तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुुमार सिंह ने ग्राम पंचायत की जगह विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भोजन पकाने की जिम्मेदारी सौंप दी थी।
हाल ही में ग्राम पंचायतों का वर्ष 2010 से 2015 तक का कार्यकाल समाप्त हुआ है, जिसमें मिड-डे मील कन्वर्जन कास्ट के उपभोग में भारी हेरफेर उजागर हुआ है। इस तरह की स्थितियां अन्य जनपदों में बनी हुई हैं। इस पर शासन ने मिड-डे मील का कार्य ग्राम पंचायतों से लेने का फैसला किया है।
विज्ञापन


इस संबंध में शासन के सचिव ने डीएम को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने भोजन पकाने के कार्य में अध्यापकों और छात्रों की सहायता नहीं लेने के निर्देश दिए हैं। तमाम शिक्षक संघ लंबे समय से भोजन पकाने का कार्य शिक्षकों से लिए जाने का विरोध कर रहे हैं। नई व्यवस्था से जिले के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।



एनजीओ से ले सकते सेवाएं
भोजन पकाने के कार्य में महिला स्वयं सहायता समूह/एनजीओ की सेवाएं ली जा सकती हैं। वहीं, खाना पकाने के लिए बर्तनों का इंतजाम सर्व शिक्षा अभियान की धनराशि से किया जाएगा।

ग्राम स्तर पर बनेगी समिति
विद्यालयों में पके पकाए भोजन की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। इसमें अध्यक्ष ग्राम प्रधान, प्रधान द्वारा मनोनीत सदस्य, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रधान द्वारा दो पुरुष अभिभावक प्रतिनिधि रखे जाएंगे।

यह होगी वार्ड समिति
नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विद्यालयों के बच्चों को पका पकाया भोजन तैयार कराने व बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए वार्ड समिति बनाई जाएगी। इसमें अध्यक्ष संबंधित वार्ड सभासद, सभासद द्वारा मनोनीत महिला व पुरुष अभिभावक और विद्यालय के प्रधानाध्यापक शामिल होंगे।

जनपदस्तरीय समिति
स्कूली बच्चों को प्रतिदिन पका पकाया भोजन उपलब्ध कराने के मकसद से जनपदस्तरीय समिति गठित की जाएगी। इसमें अध्यक्ष डीएम, सदस्य मुख्य विकास अधिकारी, सदस्य सचिव बीएसए, सदस्य जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, भारत खाद्य निगम/उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम के अधिकारी नामित होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें