ललितपुर। रबी की फसल में गत वर्ष की तरह खाद की किल्लत से किसानों को न जूझना पड़े इसलिए अधिकारियों ने डीएपी और यूरिया का स्टाक जुटाना शुरू कर दिया है। बुधवार को खाद की एक रैक और आ गई है। करीब एक माह में मुद्रा पोर्ट व पारादीप से साढे़ चार रैक खाद आ चुकी है।
बीते वर्ष खाद की किल्लत के चलते किसानों को परेशान होना पड़ा था। जगह-जगह गोदामों पर तीन-तीन दिन तक किसानों को लाइनों में खड़े रहने के बाद भी खाद मिलना मुश्किल हो गया था। यहां तक कि खाद लेने के लिए लाइन में लगने से चार किसानों की मौत हो गई थी। लेकिन इस बार शासन ने खाद के लिए पहले से ही इंतजाम कर दिए हैं। 31 अगस्त तक जनपद में खाद की डेढ़ रैक आई थी। जबकि बीते चार दिनों में तीन रैक और आ चुकी हैं। इनमें पारादीप पोर्ट से आई दो रैक में दस सितंबर को 58 वैगन खाद, 11 सितंबर को 72 वैगन और 14 सितंबर को मुद्रा पोर्ट से 42 वैगन खाद आई है। एक वैगन में सत्तर मीट्रिक टन खाद होती है। इस प्रकार अभी तक कुल साढ़े चार रैक खाद जिले के किसानों के लिए मिल चुकी है। वहीं अभी अक्तूबर माह के अंत तक खाद की नौ रैक और आएंगी, जिनकी डिमांड लगी हुई है।
टीकमगढ़ से बांग्लादेश भेजी गई गेहूं की एक रैक
ललितपुर से बांग्लादेश के लिए दो वर्ष पहले वर्ष 2020 एवं 2021 में 22 रैक गेहूं भेजा गया था। जबकि इस वर्ष अब तक कुल मात्र तीन रैक गेहूं ही बांग्लादेश भेजा जा सका है। हालांकि इस महीने बीते दो दिन पहले 12 सितंबर को पड़ोसी जिला मध्य प्रदेश के जिला टीकमगढ़ से भी एक रैक गेहूं की बांग्लादेश के लिए दर्शना पोर्ट सीमा पर भेजा गया है।
ललितपुर में इस वर्ष अभी तक खाद की साढ़े चार रैक आ चुकी हैं। बुधवार को भी खाद की एक रैक आई है। अगले माह तक खाद की नौ रैक और आने की संभावना है। - मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी।