सिलावन/ललितपुर। जरया गांव में चना के क्लस्टर बीज वितरण में की गई धांधली की जांच करने के लिए शनिवार को अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। किसानों से बीज मिलने के संबंध में जानकारी लेते हुए उनके बयान दर्ज किए। महरौनी विकास खंड के जरया का चयन क्लस्टर प्रदर्शन के लिए किया गया था। कृषि विभाग के अनुसार आरवीजी 202 चने के बीज का क्लस्टर प्रदर्शन होना था। कृषि विभाग के बीज वितरण रजिस्टर के अनुसार जरया में कुल 62 किसानों को चना बीज वितरित किया गया था। अमर उजाला ने सात जनवरी के अंक में पेज दो पर ‘अस्सी किलो की जगह बांट दिया 10 किलो चना’ शाीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसका संज्ञान लेते हुए शनिवार को डीसी मनरेगा रमेश कुमार यादव, डीएसटीओ राजेश कुमार और खंड विकास अधिकारी आजम अली जरया गांव पहुंचे। उन्होंने एक-एक किसान से चना बीज के संबंध में जानकारी ली।
किसानों ने बताया कि उन्हें जितना बीज प्रदर्शन के लिए मिलना था, उतना नहीं मिला। किसी ने 10 किलो तो किसी ने 15 किलो बीज मिलने की बात बताई। यह भी बताया कि बीज वितरण के पहले रजिस्टर में अगूंठा व हस्ताक्षर करा लिए थे। वितरण के दौरान पीओएस मशीन पर अगूंठा तो लगवाया, लेकिन उसमें से पर्ची निकाल कर नहीं दी थी, जिससे यह जानकारी नहीं लगी कि कितना बीज मिलना था। कुल 35 किसानों के बयान दर्ज किए गए। अधिकारियों ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट सीडीओ के माध्यम से डीएम को भेजेंगे।म