ललितपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में पंजीकृत कामगार अब काम का हुनर सीखेंगे। प्रोजेक्ट लाइफ के तहत मनरेगा मजदूरों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे कि वह स्वयं का अपना स्वरोजगार स्थापित कर सके।
जिले में डेढ़ लाख से ज्यादा मनरेगा कामगार पंजीकृत हैं। योजनांतर्गत पंजीकृत कामगारों को सौ दिन के रोजगार की गारंटी प्रदान की जाती है। कामगारों को मांग के आधार पर ग्राम स्तर पर रोजगार मुहैया कराया जाता है। कई बार कामगारों को काम के अभाव में रोजगार के लिए इंतजार करना पड़ता है। यही नहीं, कई कामगार तो साल भर में सौ दिन का भी रोजगार नहीं ले पाते हैं। इन स्थितियों को ध्यान में रखकर ग्रामीण विकास विभाग ने अनूठी पहल की है। अब पंजीकृत कामगारों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट लाइफ शुरू किया है, इसके तहत मनरेगा पर आश्रित परिवार के एक सदस्य को कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे मनरेगा मजदूरों को पूरे साल रोजगार उपलब्ध हो सकेगा, साथ ही कामगारों की मजदूरी से निर्भरता दूर होगी।
इनका किया जाएगा कौशल विकास
मनरेगा अंतर्गत पिछले वित्तीय वर्ष में सौ दिन कार्य करने वाले परिवार के इच्छुक युवा सदस्यों में से एक सदस्य जिसकी उम्र अठारह से पैंतीस वर्ष हो, अनुसूचित जाति, जन जाति के सदस्य, महिला सदस्य की उम्र में शिथिलता प्रदान करते हुए पैंतालीस साल रखी गई है। मनरेगा मजदूरों की सूची नरेगा सोफ्ट एमआईएस पर उपलब्ध है। प्रत्येक ब्लाक के लिए ग्राम पंचायतवार डाउनलोड की जा सकती है। युवा सदस्यों की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी प्राप्त करने के लिए परिवारवार सर्वे प्रपत्र नरेगा एमआईएस पर उपलब्ध कराया गया है।
कामगार की इच्छा का रखा जाएगा ध्यान
यदि परिवार अपनी निजी भूमि पर समेकित रूप से सिंचाई, कृषि, बागवानी का प्रबंधन कर जमीन की उत्पादकता बढ़ाना चाहता हो, ऐसे युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उत्पादन समूह में संगठित कर यांत्रिक कृषि अथवा निर्माण कार्यों को समूह में काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
इनमें से ले सकते प्रशिक्षण
डेरी, बायो गैस प्लांट, सेरी कल्चर, वाहन मरम्मत, होम नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, ब्यूटी पार्लर, फोटो डिजायनिंग, ड्रेस डिजायनिंग, इलेक्ट्रिक बैल्डिंग, टीवी एसी रिपेयर, एलबम मैकिंग, मोबाइल रिपेरिंग, वर्मी कमोस्ट आदि ट्रेड शामिल हैं।