नगर क्षेत्र स्थित (प्राथमिक विद्यालय) कंपोजिट स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने हेलीकाप्टर की मांग कर बैठे बैठाए मुसीबत मोल ले ली है। खंड शिक्षा अधिकारी नगर ने इस मामले में उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने तीन दिवस में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
मायावती सरकार ने कांशीराम कालोनी के बच्चों को एक छत के नीचे कक्षा एक से आठ तक की शिक्षा मुहैया कराने के लिए कंपोजिट स्कूल की स्थापना कराई थी। इस स्कूल की आलीशान बिल्डिंग खड़ी हुई है लेकिन स्कूल में शिक्षकों के पद अभी तक सृजित नहीं हो सके। जिसे ध्यान में रखकर खंड शिक्षा अधिकारी नगर आभा अग्रवाल ने सहायक अध्यापक सुरजीत सिंह को इस विद्यालय में अस्थाई व्यवस्था में लगाया। बीते दिनों इस स्कूल का संचालन कर रहे इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुरजीत सिंह ने आवागमन में आ रही दिक्कतों से परेशान होकर विभाग से हेलीकाप्टर मांग कर ली। यह बात किसी के गले नहीं उतरी। खंड शिक्षा अधिकारी नगर आभा अग्रवाल ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसमें कहा गया कि विद्यालय संचालन में किसी प्रकार की समस्या अथवा बाधा आने पर उसे एसएमसी की बैठक में रखना चाहिए था। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। उसकी जगह विभाग को दिए पत्र को सोशल मीडिया पर प्रचारित कर दिया। इससे प्रतीत होता है कि विभाग की छवि खराब करने के लिए यह कार्य किया गया है। विद्यालय बंद करने एवं हेलीकाप्टर की मांग औचित्यहीन है जो मानसिक संतुलन पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है। उन्होंने हेलीकाप्टर की मांग करने से पूर्व स्कूल प्रबंध समिति को अवगत नहीं कराने और विभाग को पत्र किन परिस्थितियों में दिया गया? इसे स्पष्ट करें। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो कठोर प्रशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। कारण बताओ नोटिस जारी होने से शिक्षक की हवाइयां उड़ी हुई हैं।