सोमवार को भी स्थानीय बैंकों में कैश उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे लोगों को नकदी के अभाव में काफी समस्या का सामना करना पड़ा। लोग उम्मीद लगाए थे कि सोमवार की सुबह वह बैंकों से रुपए निकाल सकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वहीं बैंकों के अधिकारी व एलडीएम भी यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि कैश की कमी की यह समस्या कब तक दूर हो सकेगी।
एक हजार व पांच सौ रुपए के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर देने के बाद से बैंकों में पुराने नोट जमा करने वालों के साथ खाते से चालू नोट निकालने व रुपए एक्सचेंज करने वाली की भीड़ लगी हुई है। नोटबंदी को दो सप्ताह होने वाले हैं। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने केवल एक बार ही पिछले रविवार को जनपद के बैंकों में कैश उपलब्ध कराया था जिसमें केवल दो हजार रुपए के नोटों की नई करेंसी उपलब्ध कराई गई थी। विगत शुक्रवार तक यह नई करेंसी और बैंकों के खजाने में रखे खुल्ले नोट लगभग पूरी तरह से खत्म हो गए थे।
शनिवार को स्थानीय लीड बैंक पंजाब नेशनल की समस्त शाखाओं समेत लगभग सभी बैंकों से कैश पूरी तरह से खत्म हो गया था। लोगों को उम्मीद थी कि सोमवार की सुबह तक बैंकों में कैश आ जाएगा और वह अपने खाते से रुपए निकाल सकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बैंकों के साथ-साथ एटीएम में भी कैश उपलब्ध नहीं है, जिससे जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं शहर में संचालित कई ऐसे बैंक भी हैं जिन्होंने नोटबंदी के बाद से ही अपने बैंकों के एटीएम एक भी दिन नहीं खोले हैं। जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में एलडीएम एके मित्तल और पंजाब बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक पवन मट्टा भी यह साफ नहीं बता सके कि कैश कब तक उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा है कि जनता को अभी एक दो दिन तक और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
केवल एसबीआई का है सहारा
केवल भारतीय स्टेट बैंक में कैश बचा हुआ है। अगले एक-दो दिन में यहां पर भी कैश पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इस संबंध में एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक गिरीश कुमार खरे ने कहा कि बैंक में कैश की समस्या को देखते हुए रुपए एक्सचेंज का केवल एक ही काउंटर कर दिया गया है। यहां पर केवल उन्हीं के रुपए एक्सचेंज किए जा रहे हैं, जिनको अधिक जरुरत है। इसके अलावा जब तक कैश की समस्या खत्म नहीं होती है तब तक के लिए जनता की सुविधा को देखते हुए किसी के खाते से निर्धारित अधिकतम राशि एक मुश्त नहीं निकाली जा रही है। यदि एक-दो दिन में रिजर्व बैंक से कैश नहीं आया तो समस्या जटिल हो सकती है।
नहीं निकाल पा रहे शादी के लिए ढाई लाख रुपए
नोटबंदी के बाद शादी-विवाह समारोह में सबसे अधिक समस्या खड़ी हो रही थी, इसके लिए केंद्र सरकार व रिजर्व बैंक ने शुक्रवार से नए नियम लागू कर दिए हैं कि जिन घरों में शादी-विवाह समारोह है उस परिवार के किसी एक सदस्य के खाते से अधिकतम ढाई लाख रुपए निकाले जा सकते हैं। यह सुविधा तो लागू कर दी गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का दुर्भाग्य है कि उनके खाते मेेें रुपए होने और शासन से सुविधा होने के बाद भी उनके हाथ खाली है। बैंकों में खत्म हो चुके कैश के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केवल एसबीआई के खातेधारकों को ही इस योजना का लाभ मिल सका है। शादी-विवाह समारोह के साथ-साथ किसान व व्यापारी भी अपने लिए उपलब्ध विशेष सुविधा को लाभ नहीं ले पा रहे हैं।