संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। थाना पूराकलां क्षेत्र की ग्राम पंचायत उगरपुर के अंतर्गत छेदा नाले में बड़ी संख्या में मछलियों के मृत मिलने के मामले में सोमवार को भी कोई विभागीय अधिकारी या कर्मचारी जांच के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि मत्स्य विभाग जानबूझकर मामले में शिथिलता बरत रहा है और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बेतवा नदी पर बने सुकुवा-ढुकुवा बांध के समीप स्थित छेदा नाले में मत्स्य आखेट का ठेका होता है। उनका आरोप है कि कुछ समय से बाहरी दबंगों का नाले पर कब्जा है और वे प्रशासन, पुलिस व संबंधित विभाग की मिलीभगत से अवैध रूप से मछली का शिकार कर रहे हैं।
रविवार को जब ग्रामीण नाले पर पहुंचे तो वहां से उठ रही दुर्गंध से उन्हें संदेह हुआ। मौके पर जाकर देखने पर नाले में बड़ी संख्या में मछलियां मृत पड़ी मिलीं। इस संबंध में संवाद न्यूज एजेंसी ने अमर उजाला में ‘जहरीला पदार्थ डालने से भारी संख्या में मरीं मछलियां’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। उस समय सहायक मत्स्य निरीक्षक वी.पी. सिंह ने मामले की जांच कराने की बात कही थी। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के अगले दिन सोमवार को भी कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना को अंजाम देने वाले लोग राजनीतिक रसूख रखने वाले और दबंग प्रवृत्ति के हैं। इसी कारण विभाग मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा और जांच के नाम पर केवल खानापूरी की तैयारी की जा रही है।