ललितपुर। शहर में घंटाघर पर बीते रोज चेकिंग के दौरान पुलिस फेस कवर (गमछा) को लगाने वालों से टोकाटाकी कर रही थी। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। लेकिन, मंगलवार को जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि गमछा बांधने में कोई ऐतराज नहीं है।
वैश्विक महामारी कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। जुलाई की शुरुआत से लगातार मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में शासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव करने के लिए गाइड लाइन जारी की गई है, जिसमें सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घर से निकलते समय मुंह पर फेस कवर या मास्क बांधने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। समय-समय पर हाथों को साबुन या सैनिटाइज से साफ करने को कहा जा रहा है। संक्रमण को कम करने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त रुख अपना कर नियमों का पालन कराया जा रहा है। मुंह पर मास्क या फेसकवर नहीं बांधने व सामाजिक दूूरी का पालन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार की शाम को घंटाघर चौराहा पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहन चालक व सवार गमछा (तौलिया) लगाए नजर आए। पुलिस ने उनसे टोका-टाकी की। चेकिंग में गमछा बांधने वालों से टोका-टाकी होने के बाद भ्रम की स्थिति बन गई। लोग असमंजस में पड़ गए कि गमछा बांधा जाए या नहीं। इसको लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति का स्पष्ट कर दी है कि मास्क की जगह यदि कोई गमछा बांधे है, तो कोई दिक्कत नहीं है।
प्रधानमंत्री ने गमछा बांध कर दिया था संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन देते समय गमछा बांधा था। प्रधानमंत्री को देखने के बाद अधिकांश लोग गमछा से ही मुंह व नाक को बांध नजर आ रहे हैं। लेकिन, बीते दिन चेकिंग में गमछा पर हुई टोका-टाकी से भ्रम की स्थिति बन गई। इसको लेकर जिलाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
तौलिया (गमछा) बांधा जा सकेगा। लेकिन, इसका प्रयोग सही तरीके से किया जाए। घर से बाहर निकलते समय मुंह व नाक को पूरी तरह से बांध कर रखें।
- योगेश कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी
कुछ लोग पुलिस को देखकर चेकिंग में तौलिया (गमछा) को बांध लेते हैं। चेकिंग से निकलने पर उसे गले में बांध लेते हैं, या फिर खिसक जाता है। ऐसे में मॉस्क बेहतर माना जाता है।
- कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक
गमछा बांधने से कोरोना संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। लेकिन, इसको सही तरीका से बांधा जाए। ताकि, मुंह व नाक दोनों अच्छे से ढके रहें। इससे संक्रमण को रोका जा सकता है।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी