न नर्स और न डॉक्टर, वार्ड ब्वॉय भरोसे इलाज
डोंगराखुर्द। ग्राम डोंगराखुर्द में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में न तो चिकित्सक है और न ही स्टाफ नर्स है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों का उपचार वार्ड ब्वॉय के भरोसे हो रहा है। देखरेख के अभाव में अस्पताल की इमारत भी खराब होने लगी है। ग्राम डोंगराखुर्द में अस्पताल खोलने का उद्देश्य था कि ग्रामीणों को उपचार व गर्भवती महिलाओं को डिलेवरी और टीकाकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों। अस्पताल में मरीजों के लिए दो पलंग और भर्ती के लिए वार्ड बनाया गया है। आपरेशन थियेटर बना है। इतना सब होने के बाद भी मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है और मरीजों को झोलाछाप के भरोसे रहना पड़ रहा है। ग्राम डोंगरा खुर्द और आसपास के ग्राम बरेजा, तरावली, पटना, पारोल, बरखेरा, बरोदिया, सिगरवारा, गुरयाना, देवरी, चांदोरा, गुढा, खिरिया, गदोरा, धोलपुरा, अर्जुन खिरिया, बनयाना, भोटी आदि के लोगों को इलाज की सुविधा के लिए बना यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को उपचार की सुविधा देने में नाकाम साबित हो रहा है।
सुरक्षा नहीं होने के कारण अराजकतत्वों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ करके बाउंड्रीबाल को नुकसान पहुंचाया गया है। देखरेख के अभाव में कुर्सी, टेबिल आदि सामान चोरी चला गया है। अस्पताल में मौजूद वार्ड ब्यॉय द्वारा ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है। सफाई कर्मचारी अस्पताल की साफ-सफाई करता है। अस्पताल परिसर में चिकित्सक के आवास बने हैं, लेकिन छुट्टा जानवर यहां घूमते रहते हैं। इस कारण यहां गंदगी भरी है। जानवर बिना रोक-टोक, आते-जाते रहते हैं। हैंडंपप से जंग भरा पानी आता है, ऐसे मरीजों को संक्रमित बीमारी फैलने खतरा बना रहता है।
पंद्रह दिन के भीतर फार्मासिस्ट की नियुक्ति कर दी जाएगी। डॉक्टर का तीन दिन का रोस्टर बना है। तीन दिन डोंगरा खुर्द और तीन दिन ग्राम गोना में मरीजों को देखने की ड्यूटी लगाई गई है। यदि डॉक्टर नहीं आते हैं तो स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जो गेट भी टूटे हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा। ताकि, जानवर अंदर न जा सकें।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
स्टाफ की कमी है, फार्मासिस्ट का स्थानांतरण हो गया है। पूर्व में जो चोरियां हुई थीं, उनका कोई खुलासा नहीं हुआ है। मेन गेट पर चैनल लगवा दिया गया है। अराजकतत्वों द्वारा बाउंड्रीवाल तोड़ दी गई है, उसे ठीक करा दिया जाएगा।
- डॉ. विशाल पाठक, चिकित्साधीक्षक, मड़ावरा