माता-पिता की सेवा से मिलते हैं भगवान
मड़ावरा। ग्राम हसरा में चल रही श्रीमद्भागवत में श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई। कथा व्यास आशीष कृष्ण महाराज ने कहा कि माता-पिता की सेवा ही भगवान की सेवा है। मातृ देवो भव-पितृ देवो भव इसलिए आप सभी माता-पिता की सेवा करें। माता- पिता की सेवा करने से ही भगवान की प्राप्ति होती है। श्री कारसदेव भगवान के मंदिर पर सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण हो रहा है तथा श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। वृंदावन से आए कथा व्यास ने चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। जन्म के बाद भगवान को पालना झुलाया गया। वासुदेव बनने का सौभाग्य अजमेर सिंह यादव को प्राप्त हुआ, जबकि पालना शेर सिंह यादव ने झुलाया। इस मौके पर अशोक राहुल, दयाल सिंह, देशराज सिंह, विजय सिंह, देवसिंह, मूरत सिंह, श्याम सिंह, वीर सिंह, हमीर सिंह, भगवत सिंह, अमर सिंह, गिरवर सिंह, अभय सिंह, देवी सिंह, विशन सिंह, रणवीर सिंह, संजय सिंह, सुख साहब सिंह, पहाड़ सिंह, मेहरबान सिंह, हरदेव सिंह, मगनलाल पाल मौजूद रहे।