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Lalitpur News: एसएनसीयू के संचालित होने पर रेफर नहीं होंगे नवजात

सार

ललितपुर मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) की सुविधाओं का विस्तार और मरम्मत अंतिम चरण में है। यहां वेंटीलेटर सहित आधुनिक मशीनें और फायर सेफ्टी लाइन स्थापित की जा रही हैं। इससे गंभीर नवजातों को अब अन्यत्र रेफर नहीं करना पड़ेगा।
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विस्तार
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- अंतिम चरण में चल रहा मरम्मत का कार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल काॅलेज में एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) की सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है। संचालित होने से गंभीर स्थिति के नवजात को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। इसके लिए वेंटीलेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके लिए एसएनसीयू की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, इसमें आग से बचाव के लिए फायर सेप्टी लाइन डाल दी गई है। क्षतिग्रस्त टाइल्स व शौचालय की मरम्मत कार्य चल रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संचालित होने पर नवजात को रेफर नहीं होना होगा।
मेडिकल कॉलेज में एसएनसीयू का भवन तो पर्याप्त था, लेकिन सीमित कक्षों में ही संचालित हो रहा था। इसकी जांच में चार कमरों में कबाड़ पाया गया था। प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला ने कक्षों को खाली कराकर एसएनसीयू में सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अब भवन के कक्षों की मरम्मत का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। इसमें कक्षों में क्षतिग्रस्त टाइल्स को बदल दिया गया है। शौचालयों की मरम्मत कर दी गई है। चैंबर बनाए जाने का कार्य किया जा रहा है। आग से बचाव के लिए सभी कक्षों में फायर सेप्टी लाइन बिछाई गई है। रंगाई-पुताई का कार्य भी किया जा रहा है।
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मीडिया प्रभारी डॉ. विशाल जैन ने बताया कि एसएनसीयू में नवजात को बेहतर सुविधाओं के लिए आधुनिक मशीनों को स्थापित किया जाएगा। अब तक सामान्य सुविधाएं होने के चलते सांस न ले पाने वाले व अन्य गंभीर स्थिति में नवजात को रेफर करना पड़ता था। रेफर न करना पड़े, इसके लिए वेंटीलेटर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। भवन मरम्मत के बाद सुपुर्द होने पर मशीनों को स्थापित कर संचालन शुरू किया जाएगा। इसमें जन्म के बाद न रोने वाले, नौ माह से पहले पैदा होने वाले, संक्रमण या वायरल की चपेट में आने वाले, निमोनिया से ग्रसित बच्चे समेत अन्य समस्याओं से ग्रसित नवजात व बच्चों को भर्ती किया जाएगा।
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