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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज में नवजात को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

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ललितपुर। मेडिकल काॅलेज में नवजात बच्चों के बेहतर उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यहां पर आधुनिक सुविधाओं के साथ ही वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इससे सांस न ले पाने वाले बच्चों को भी उपचार दिया जाएगा। इन बच्चों को रेफर नहीं होना होगा। साथ ही बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इसके लिए निर्माण व मरम्मत का कार्य तेज गति से किया जा रहा है।
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अब मेडिकल कॉलेज के एनएनसीयू में नवजात को सीमित उपचार की सुविधाएं ही मिल पा रही हैं। महज सामान्य सेवाएं मिल रही हैं। ऐसे में गंभीर हालत में रेफर करना पड़ता है। कई बार भीड़ अधिक होने पर एक बेड पर दो-दो बच्चों तक को भर्ती किया जाता है। इसके बाद भी बेड कम पड़ जाते हैं। कारण महज 12 बेड से ही वार्ड संचालित हो रहे हैं।
अब मेडिकल कॉलेज से बच्चों को रेफर नहीं होना होगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) का विस्तार किया जा रहा है। यहां पर लंबे समय से बंद पड़े चार कक्षों को खोल दिया गया है। इसकी सफाई का कार्य किया जा रहा है। इससे अब वार्ड का दायरा बढ़ गया है। साथ ही फायर सेफ्टी लाइन डाली जा रही है। साथ ही वार्ड का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वार्ड में आधुनिक सुविधाएं की जाएंगी। इसमें आधुनिक बेड व वार्मर, फोटो थैरेपी, कंसंट्रेटर समेत अन्य अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा सांस न लेने पाने वाले नवजात बच्चों को वेंटिलेटर स्थापित किए जाएंगे। इसकी तैयारियां चल रही हैं। इससे रेफर होने वाले बच्चों की संख्या कम हो जाएगी। साथ ही बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
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ये नवजात होते हैं भर्ती
- जन्म के बाद न रोने वाले
- नौ माह से पहले पैदा होने वाले
- संक्रमण या वायरल की चपेट में आने वाले
- निमोनिया से ग्रसित बच्चे।
- सांस लेने में परेशानी वाले बच्चे।
वर्जन
एसएनसीयू में लंबे समय से बंद पड़े कक्षों को खोलकर सफाई कराई जा रही है। इसमें बेड बढ़ाए जाएंगे, साथ ही वेंटिलेटर भी स्थापित किए जाएंगे।
- डाॅ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
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