ललितपुर। कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन होने से पहली बार चैत्र नवरात्र के दिनों में मंदिरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कल रविवार को पंचमी के दिन भी श्रद्धालु घरों में रहकर ही देवी पूजन करेंगे, जिससे मंदिरों में भीड़ न हो। सिर्फ पुजारी मंदिरों में पूजन करेंगे।
चैत्र नवरात्र का काफी महत्व है। माना जाता है कि देवी की आराधना करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूूरी होती हैं। नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार को देवी चंद्र घंटा की पूजा - अर्चना की गई। जानकारों के अनुसार चंद्रमा शांति और घंटा नाद का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा नाद के साथ शांति का संदेश देती हैं। इस बार चैत्र नवरात्र के पहले ही दिन से कोरोना वायरस की महामारी से बचाव के लिए शासन ने 21 दिन का लॉकडाउन किया है। नवरात्र के दिनों में भीड़- भाड़ से बचने के लिए मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में श्रद्धालु मां दुर्गा देवी की आराधना घरों में रहकर करनी पड़ रही है।
रविवार को पंचमी पर्व है। इस दिन मंदिरों में देवी पूजन और महा आरती का आयोजन हर बार बड़े रुप में किया जाता था, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में आते थे, लेकिन, इस बार कोरोना वायरस के कारण पंचमी के दिन भी मंदिरों में श्रद्धालु पूजा - अर्चना के लिए नहीं पहुंच सकेंगे।
पहली बार मंदिरों में पंचमी का पूजन नहीं होगा, लेकिन कोरोना वायरस जैसी त्रासदी भी है। ऐसे में इस बार घरों में ही रहकर पूूजन करेंगे। सभी लोग पूजा - अर्चना कर रहे हैं। शाम को घर में देवी की आरती की जा रही है।
- गोविंद शरण पुरोहित
इस बार कोरोना वायरस के फैलने से आस्था का नवरात्र का पर्व फीका पड़ गया है। पहली बार मंदिरों में भव्यता के साथ पूजन अर्चन नहीं हो पा रहा है। परिवार के साथ घर में रहकर नवरात्र के पूजन की तैयारी की गई हैं। पंचमी पर्व भी घर में आरती और विधि विधान से पूजन किया जाएगा।
- इंद्रेश तिवारी
कोरोना वायरस को लेकर मंदिरों में नहीं जाने की मजबूरी है। पंचमी और अष्टमी के दिन मंदिरों में पूजन नहीं करने से अनुष्ठान अधूरा सा लग रहा है। घर में पूजन कर दुर्गा मां से इस महामारी को जल्द दूर करने की प्रार्थना कर रही हूं।
- बबीता झा
नवरात्र के दिनों में मंदिरों में विशेष पूजन अनुष्ठान किए जाते हैं। देवी अनुष्ठान व्रत का विशेष महत्व है। इस बार पंचमी और अष्टमी के दिन मंदिरों में पूजन करने का पुण्य लाभ नहीं मिल सकेगा। पंचमी पर मंदिरों में भीड़ न हो, इसके लिए जान पहचान के लोगों से फोन कर घरों में पूजन करने की अपील भी कर रहे हैं।
- सत्यम तिवारी