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Lalitpur News: नौतपा आज से... बढ़ेगी गर्मी, रखें स्वास्थ्य का ख्याल

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अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। ज्येष्ठ माह को सबसे गर्म महीना माना जाता है। नौतपा के आने से गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है। विद्वानों के अनुसार सूर्य 14 दिनों तक एक ही नक्षत्र में रहते हैं। इसके बाद वह दूसरे नक्षत्र में प्रवेश कर जाते हैं। 14 दिनों तक सूर्य के एक ही नक्षत्र में रहने के कारण नौतपा कुल 15 दिनों का होता है, इसमें शुरुआत के नौ दिन काफी अधिक गर्मी होती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तब नौतपा प्रारंभ होता है। इस साल सूर्य 25 मई की सुबह 3.16 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे जो कि चंद्रमा का नक्षत्र है। इसके बाद दो जून को मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। जब तक सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे, तब तक आसमान से आग बरसने जैसी गर्मी पड़ेगी।
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ज्येष्ठ माह में वृष राशि के मध्य में सूर्य के 15 अंश पर आने से सूर्य की किरणें सीधी धरती पर पड़ती हैं। इससे तापमान काफी बढ़ जाता है। यह सीधी किरणें नौ दिन तक रहती हैं, ज्योतिष में इसे नौतपा (नवतपा) कहते हैं। इस बार नौतपा पंद्रह दिन पूर्व प्रारंभ हो रहे हैं। हर वर्ष नौतपा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में होते हैं।-प्रोफेसर डॉ ओमप्रकाश शास्त्री, नेहरू महाविद्यालय

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नौतपा के दौरान करें ये उपाय
नौतपा के दौरान विधि-विधान से भगवान सूर्यदेव का पूजन करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। सुबह नहाकर तांबे के लोटे में जल भरकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें, ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। नौतपा के दौरान जल, दूध, दही, नारियल पानी और ठंडे पदार्थों का सेवन करना चाहिए।-आचार्य प्रमोद लिटौरिया


गत वर्ष से न्यूनतम तीन व अधिकतम एक डिग्री सेल्सियस बढ़ा
गत वर्ष के सापेक्ष शुक्रवार को न्यूनतम तापमान तीन और अधिकतम एक डिग्री बढ़ा है। गत वर्ष न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस था, जबकि इस साल 30 डिग्री सेल्सियस है। इसी तरह गत वर्ष अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस था, जबकि इस साल 43 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि पिछली वर्ष से एक डिग्री अधिक है।
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बोले आयुर्वेदाचार्य
नौतपा के दौरान बिना कुछ खाए और पिए घर से बाहर न निकलें। घरेलू उपचार में आम और दही की लस्सी आदि पिएं। बासी खाना खाने से बचें और सूती वस्त्र पहनें। जरूरत के अनुसार संजीवनी वटी या आरोग्य वर्धिनी वटी का सेवन कर सकते हैं।-डॉ. अर्जुनलाल अहिरवार, जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी
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