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नेहरुनगर न बन जाए कोरोना बम

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ललितपुर। कोरोना महामारी के बीच जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को कोरोना संक्रमित मिली नेहरू नगर निवासी महिला का जिला अस्पताल में सैंपल लेने के बाद घर भेज दिया गया था। जबकि, महिला में कोरोना वायरस के लक्षण भी दिखाई दे रहे थे। ऐसे में डर बना हुआ है कि कहीं महिला के संपर्क में आने वाला कोई अन्य व्यक्ति संक्रमित न हो गया हो। हालांकि, इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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नेहरू नगर निवासी महिला को बुखार और सांस लेने में दिक्कत होने पर 25 मई को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। लक्षणों के आधार पर 26 मई को कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। इसके बाद बाद 28 मई को महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि, कोरोना की जांच रिपोर्ट नहीं आई थी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद महिला मोहल्ले में घूमती रही। कई लोगों से बातचीत भी की लेकिन जैसे ही शुक्रवार की रात महिला की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, वैसे ही स्वास्थ्य महकमा के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन महिला को घर से जिला अस्पताल लाया गया, जहां से महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया है। महिला में कोरोना जांच पॉजीटिव होने की जानकारी पर मोहल्ले के निवासी दहशत में आ गए। लोगों का कहना है कि एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग कोरोना का सैंपल लेने के बाद मृतकों के शव को रिपोर्ट आने तक परिजनों को नहीं सौंपता, बल्कि परिजनों को भी क्वारंटीन कर लेता है। वहीं, दूसरी ओर शहर के लोगों की जान को खतरे में डालकर कोरोना मरीज को खुलेआम संक्रमण फैलाने के लिए छोड़ दिया।
जिला अस्पताल में भर्ती महिला का कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने के बाद डिस्चार्ज करने के मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रताप सिंह, सीएमओ।
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