संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते नवजात व प्रसूताओं को ठंड से ठिठुरना पड़ रहा है। यहां ठंड से बचाव के लिए सिर्फ एक कंबल दिया जा रहा है। आसपास की महिलाएं घर से कंबल व गर्म कपड़े मंगा रही हैं, लेकिन दूर-दराज की महिलाओं को ठंड से कांप कर रात गुजारनी पड़ रही है।
सरकारी अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज ही इकलौता है, जहां सिजेरियन प्रसव की सुविधा है। यहां जिले के साथ ही मध्य प्रदेश के चंदेरी क्षेत्र की महिलाएं भी प्रसव के लिए आती हैं। 24 घंटे में 30 से 35 प्रसव होते हैं, जिसमें तीन से चार का सिजेरियन ऑपरेशन किया जाता है।
प्रसव के लिए आ रही महिलाओं को ठंड से परेशान होना पड़ रहा है। कारण, वार्ड में न तो ब्लोअर है न ही रूम हीटर लगे हैं। शहर व आस-पास की महिलाएं तो घर से गर्म कपड़े मंगाकर रात काट रही हैं, लेकिन दूर-दराज के मरीजों को दिक्कत हो रही है। प्रसूताओं का कहना है कि एक कंबल से ठंड नहीं जाती। कई प्रसूताएं तो ठंड से रात में ठिठुरने के बाद दिन में धूप के लिए बाहर निकलकर बैठने को मजबूर हैं।
-
महिला सर्जिकल वार्ड में भी ठिठुर रहीं मरीज
मेडिकल कॉलेज के महिला सर्जिकल एवं पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती मरीज सर्दी में ठिठुरने को मजबूर हैं। मरीजों का कहना है कि रात में एक कंबल दिया जा रहा है। घर व रिश्तेदारों से कपड़े मंगाना पड़ रहा है। मरीजों ने बताया कि किराये पर कपड़े लेकर रात काट रहे हैं।
-
प्रसव कक्ष के बाहर टहल रहे कुत्ते
मेडिकल कॉलेज में गार्ड नियुक्त हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त है। मंगलवार को प्रसव कक्ष के बाहर तक कुत्ता विचरण करता नजर आया। इससे कक्ष में भर्ती नवजातों को खतरा है। पास में ही महिलाएं धूप में बैठती हैं। कैमरों से निगरानी के बाद भी न तो जिम्मेदारों को अव्यवस्थाएं नजर आ रही हैं, और न ही कर्मचारी ध्यान दे रहे हैं।