ललितपुर। मनरेगा के तहत खोदे जा रहे तालाब में मशीन से कार्य कराया जा रहा है। ऐसा ही एक प्रकरण खंड विकास अधिकारी बिरधा के निरीक्षण में उजागर हुआ है। जांच में पाया गया कि ग्राम महोली में तालाब का कार्य मशीनों से कराया जा रहा है। इससे काम को श्रमदान घोषित कर दिया है।
इन दिनों मनरेगा के अंतर्गत श्रमिकों को ज्यादा से ज्यादा काम देने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन, इसके बाद भी कई जगहों पर श्रमिकों की अनदेखी कर मशीनों से काम कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय से शिकायत की थी कि ग्राम महौली में मशीनों से तालाब की खुदाई की जा रही है। इस पर उपायुक्त श्रम व रोजगार ने खंड विकास अधिकारी बिरधा से निरीक्षण कर जांच करने के लिए कहा। खंड विकास अधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा ने ग्राम पंचायत महौली के क्वारंटीन मोहल्ला सहरिया बस्ती में स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि कार्यस्थल पर मशीनों व ट्रैक्टरों द्वारा तालाब की खुदाई का कार्य कराया जा रहा था। मौके पर 100 से 150 ग्रामवासी उपस्थित थे। ग्राम के कुछ लोगों ने बताया कि व्यक्तिगत बोरिंग से ग्रामीण को मनमाने मूल्य पर पानी बेचा जा रहा है, उक्त कार्य हो जाने से उनका व्यक्तिगत लाभ होगा।
उधर, जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि महोली तालाब में मशीनों से कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित किया जाए। इसके अनुपालन में ग्राम पंचायत महौली के तालाब के कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया गया है। सीडीओ अनिल कुमार पांडेय ने बीडीओ को निर्देश दिए कि उक्त कार्य को शासन की किसी योजना में शामिल नहीं किया जाए।