कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दैलवारा निवासी लक्ष्मन पुत्र मनुआ सहरिया गांव-गांव जाकर मजदूरी का काम करता है। वह बीते एक नवंबर को घर से निकला था, जिस पर परिजनों ने मजदूरी पर जाने की समझकर उसकी तलाश नहीं की। वह पहले भी कई दिन तक घर नहीं लौटता था।
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दैलवारा में दो दिन से लापता ग्रामीण का शव गांव के ही तालाब में पानी में उतराता मिला। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दैलवारा निवासी लक्ष्मन (30) पुत्र मनुआ सहरिया गांव-गांव जाकर मजदूरी का काम करता है। वह बीते एक नवंबर को घर से निकला था, जिस पर परिजनों ने मजदूरी पर जाने की समझकर उसकी तलाश नहीं की। वह पहले भी कई दिन तक घर नहीं लौटता था। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे जब गांव वाले तालाब के पास से निकले, तो वहां युवक का शव उतरा रहा था।
जानकारी मिलने पर दैलवारा चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव की शिनाख्त के प्रयास किए, तो ग्रामीणों ने उक्त शव लक्ष्मन के होने की आशंका जताई, जिस पर उसके परिवारजनों को बुलाया गया तो मृतक के चाचा लेदा सहरिया ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त अपने भतीजे लक्ष्मन के रूप में की।
विज्ञापन
इसके बाद कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी लगभग 10 वर्ष पहले अपनी दो बेटियों को साथ लेकर घर छोड़कर चली गई थी। मृतक तीन भाई व चार बहनों में सबसे छोटा था।