ललितपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत काम कर रहे कामगारों को अब मजदूरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण देकर अन्य रोजगारपरक कार्यों से जोड़ा जाएगा।
मजदूूूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मनरेगा चलाई जा रही है। इसमें सौ दिन के काम की गारंटी रखी गई है। वर्तमान में सूखे को देखते हुए केंद्र सरकार ने पचास दिन और काम देने को मंजूरी प्रदान की है। इस तरह मनरेगा के मजदूर साल भर में डेढ़ सौ दिन काम पा सकेंगे।
वहीं, मनरेगा मजदूर हाड़तोड़ श्रम करने तक ही सीमित नहीं रहेंगे। शासन ने मजदूरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का निर्णय लिया है।
योजनांतर्गत मनरेगा मजदूरों को मनमाफिक ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वह हाथ का हुनर सीखकर अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें। विभागीय अफसरों ने विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिलाने के लिए 3,016 मजदूूूरों की सूची पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान को सौंप दी है।
इतने हैं चिह्नित श्रमिक
मनरेगा सेल ने मजदूरों को चिह्नित करते हुए ब्लाकवार सूची जारी की है, जिसमें ब्लाक बार में 259, बिरधा में 159, जखौरा में 1,064, मड़ावरा में 565, महरौनी में 600 और तालबेहट में 369 कामगारों को प्रशिक्षण के लिए चिह्नित किया गया है।
यह हैं ट्रेड
ब्यूटी पार्लर, कृषि में साग, सब्जी, डेयरी व बकरी पालन, आटोमोबाइल मरम्मत, मोबाइल मरम्मत, परिधान में बैग व ड्रेस निर्माण, रेफ्रीजरेटर, एयर कंडीशनर, खुदरा व्यापार, बीमा संबंधी, इनवर्टर आदि प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।
मासिक आय में बढ़ोत्तरी
प्रशिक्षण उपरांत कामगारों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। इसमें तीन हजार रुपए से लेकर दस हजार रुपए या इससे अधिक तक आय होने का अनुमान है।
योग्यता के तय होंगे संकेत
बारहवीं पास का संकेत एक, दसवीं पास का संकेत दो, आठवीं पास का संकेत तीन, प्राथमिक का संकेत चार एवं अशिक्षित का पांच संकेत तय किया जाएगा। इसके आधार पर ही प्रशिक्षण निर्धारित होंगे।
महरौनी में हो चुकी काउंसलिंग
पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ने प्रशिक्षण के लिए महरौनी में कांउसलिंग की है। पहला बैच डेयरी का आरंभ होने की संभावना है। इसमें 50 से 60 प्रतिभागियों को शामिल किया जा सकता है।