- निरीक्षण के 24 घंटे के बाद का नजारा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में नोडल अधिकारी के निरीक्षण के बाद भी अव्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो सका है। 24 घंटे में महज टंकी व अधूरी नाली सफाई तक निर्देश सीमित रह गए हैं। शाम को साढ़े तीन बजे तक कैफेटेरिया की हालत जस की तस नजर आई। हद तो तब हो गई जब तीन घंटे में सफाई के निर्देश दिए, लेकिन 20 घंटे बाद भी हालत जस के तस बने हुए हैं। वहीं टंकी में पान की पीक पड़ी हुई है। ऐसे में नोडल अफसर के निर्देश पालन की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
बीते दिन नोडल अधिकारी व सीईओ बीडा अमृत त्रिपाठी को मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण में अव्यवस्थाएं पाई थी, जिसमें टंकियों में गंदगी, नाली चोक, प्याऊ के पास पान की पीक व शौचालयों में ताले लटके पाए गए थे। साथ ही कुछ स्थानों पर अव्यवस्थाएं बनी हुई थी। इस पर उन्होंने तत्काल में ठीक करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, 20 घंटा बीतने के बाद भी नोडल अधिकारी का असर नजर नहीं आ रहा है।
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चोक नाली से नहीं निकल पा रहा पानी
महिला अस्पताल परिसर में वेटिंग एरिया में टंकी से निकली नाली की सफाई नहीं हुई है। नाली में कचरा होने से गंदगी से बजबजा रही है। इससे दूषित दुर्गंध उठ रही है। साथ ही टंकी के पानी की निकासी पर्याप्त मात्रा में निकासी नहीं हो पा रही है। ऐसे में मच्छर पनपने से बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।
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टंकी व आसपास की हुई सफाई
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने टंकी की सफाई करा दी। साथ ही इसमें सफाई की तिथि भी अंकित करा दी है। इसके आसपास भी सफाई करा दी है। लगभग 30 फिट तक दोनों ओर नाली की सफाई कर दी। इसके अलावा प्रसव कक्ष के दूसरी ओर पड़ा सामान भी हटाया गया है।
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परिसर में विचरण कर रहे कुत्ते
मेडिकल कॉलेज परिसर दिन हो या रात हमेशा ही कुत्तों का झुंड बना रहता है। यह झुंड गैलरी व प्रसव कक्ष के बाहर व एसएनसीयू के आसपास जमे रहते हैं। मरीज व तीमारदार निकलने में डरते हैं। यही नहीं हद तो तब हो गई, जब नवजात के भर्ती होने के बाद भी कुत्तों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ऐसे में हमला करने तक का खतरा बना हुआ है।
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नोडल अधिकारी के निर्देश पर लगातार सफाई अभियान चल रहा है। टंकी की सफाई करा दी गई है। नाली के लिए कार्यदायी संस्था को सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज