तालबेहट। अच्छी बारिश न होने से विकास खंड के तीनों बांध खाली पड़े हैं। जिससे क्षेत्र के तालाब, कुओं का जलस्तर भी अभी काफी नीचे हैं। जिससे अगस्त माह का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी बांध में पानी का जलस्तर नहीं बढ़ने से आने वाले समय में बबीना, झांसी के लोगों के लिए पेयजल संकट गहरा सकता है।
बेतवा नदी पर बने विशाल माताटीला बांध से बिजली उत्पादन के साथ-साथ तालबेहट नगर, बबीना और झांसी महानगर की जनता को पीने के लिए पानी के साथ-साथ दतिया एवं उरई जिले के किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। इस बांध का जलस्तर मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा में होने वाली वर्षा पर काफी कुछ निर्भर करता है। लेकिन इस बार अभी तक इन जिलों में एवं जनपद में अच्छी बारिश न होने से पूरा बांध खाली हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार बांध अभी लगभग 18 फीट खाली है। जबकि अगस्त माह में बांध में जल स्तर 1008 होना चाहिए।
वहीं शहजाद बांध की हालत और भी दयनीय हैं। क्षेत्र में होने वाली बारिश और गोविंद सागर बांध से छोड़े गए पानी पर निर्भर हैं। इस बांध से आसपास के कुछ गांवों को पेयजल आपूर्ति के अलावा पूराकलां, पूरा विरधा, बरौदाड़ाग आदि गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाता हैं। वर्तमान में यह बांध काफी खाली है।
शुक्रवार को सायंकाल माताटीला बांध का जलस्तर 993.60 फीट था। जबकि बांध का उच्चतम स्तर 1012 फीट है। ऐसी स्थिति में बांध अभी लगभग 18 फीट खाली है। शीघ्र न भरने से आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति गड़बड़ा सकती है। - संजय कुमार, अवर अभियंता, माताटीला बांध
शुक्रवार को सायंकाल शहजाद बांध का जल स्तर 319.30 मीटर है। बांध को 321 मीटर तक भरा जाना है। इस समय बांध लगभग दो मीटर खाली है।
मनोज कुमार, अवर अभियंता, शहजाद बांध
कैप्सन - सूखा पड़ा माताटीला बॉध- फोटो : TALDEHATE