मार्शल आर्ट के गुर सीख आत्म रक्षा को तैयार हो रहीं ‘वीरांगनाएं’
ललितपुर। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के नक्शे कदम पर चलने के लिए जिले में वीरांगनाओं की फौज तैयार हो रही है। छात्राओं को मार्शल आर्ट के गुर सिखाकर आत्मरक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और सोसायटी फॉर लीगल एंड एजूकेशन संस्था कॉलेजों और गांवों में पहुंचकर छात्राओं को आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण दे रही है। इस दौरान उन्हें मार्शल आर्ट, योग के साथ- साथ गुड और बेड टच के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही अधिकारों की भी जानकारी दी जा रही है।
अमूमन पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कमजोर समझा जाता है। आए दिन महिला उत्पीड़न की घटनाएं होती रहती हैं। इसे लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं सोसायटी फॉर लीगल एंड एजूकेशन संस्था ने छात्राओं को आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण देने का बीड़ा उठाया है। इस समय ललितपुर, महरौनी, तालबेहट और पाली तहसील में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें करीब 15 सौ छात्राएं प्रतिभाग कर रहीं हैं। प्रशिक्षक छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा कर रहे हैं, ताकि वे हर मुश्किल परिस्थिति से आसानी से निपट सकें। वहीं, शैडो पावर प्रशिक्षण में 15 हजार छात्राओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती गांव खड़ोवरा में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
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छात्राओं में आत्मविश्वास के साथ- साथ सुरक्षा की भावना जगाने के लिए विद्यार्थी परिषद द्वारा मिशन साहसी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में बढ़ती प्रतिभागिता से यह स्पष्ट है कि छात्राएं सुरक्षा के लिए जागरुक हो रही हैं।
- शिवानी नायक
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जहां भी आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण आयोजित करते हैं, वहां प्रशिक्षण उपरांत ग्यारह सदस्यों की शैडो पावर टीम गठित करते हैं, ताकि वह अन्य छात्राओं को प्रशिक्षण दे सकें। इसके अतिरिक्त लड़कियों को परेशानी में उनकी मदद करने के लिए तत्पर रहें। प्रत्येक विद्यालय में टीम गठित की जा रही हैं। प्रशिक्षण में योग और मार्शल आर्ट के गुर सिखाए जा रहे हैं। इस कार्य में पूर्णिमा, श्रद्घा, रूपाली व मोहिनी सहयोग प्रदान कर रही हैं।
- राखी शुभ रत्नाकर
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लड़कियों को दिनचर्या में आने वाले हर खतरे को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण प्रदान दिया जा रहा है। जैसे सड़क पर भीड़, बस या अन्य किसी विषम परिस्थिति में कैसे बचाव किया जाए? प्रशिक्षण में इन बिंदुओं पर फोकस किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद लड़की हर परिस्थिति से निपटने के लिए तत्पर नजर आती है।
- उपासना राजा
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प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं के अधिकार, कानूनी एक्ट, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को रोकने की काउंसलिंग दी जाती है। इसके अलावा हर रविवार को सुबह साढ़े आठ बजे से दस बजे तक रामरतन विद्या मंदिर में शिविर आयोजित किया जाता है। इसमें गुड टच और बेड टच की जानकारी दी जाती है।
- प्रीति शुक्ला