सहालग शुरू होने के चलते लोगों शॉपिंग में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है, साथ ही बैंक की लाइन में खातों से अपना ही पैसा निकालने में हो रही परेेेशानी से दुुल्हन को गुस्सा भी बहुत आता है, लेकिन फिर भी काला बाजारी रोकने को मोदी के निर्णय दुल्हन अच्छा भी बता रही है, जबकि पिता बैंक में रकम जमा होने के बाद भी बेटी की शादी में दूल्हे का तिलक चेक से करने की तैयारी में है।
पांच सौ व एक हजार रुपए के नोट बंद होने से सबसे अधिक परेेशानी शादी समारोह वाले परिवार वालों को ही हो रही हैं। रिश्तेदार तो फिर भी कहीं से इंतजाम कर ही लेते हैं, लेकिन परचून के किराने से लेकर शादी का उपहार खरीदने को दुल्हनों के पिता को या तो उधारी करनी पड़ रही है या फिर बैंकों में घंटों बाद रुपये निकलने के बाद ही थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करनी पड़ रही है। इससे भी अधिक समस्या तिलकोत्सव व अन्य कार्यक्रमों में आ रही है, जब नगद की समस्या सामने आती है। हालांकि परिवारों ने मिलकर इसका समाधान भी खोजा है, जब नगद न होने पर दूल्हे का तिलक अब चेक से शुरू कर दिया गया है। ऐसा ही कुछ सुभाषपुरा निवासी आनंद कुमार तिवारी ने अपनी बेटी की शादी में करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पूनम की शादी 23 नवंबर की तय हुई है। लेकिन कैश की समस्या आड़े आ रही है। फंड का रुपया भी बैंक में जमा है, लेेकिन रुपया नहीं निकाल पा रहे हैं। बैंक से एक सप्ताह में मात्र 24 हजार रुपये ही निकलना है, जिसमें शादी होना संभव नहीं है। लेकिन वह बताते हैं कि देश हित में बड़े निर्णय तो लेने ही पड़ते हैं, जिसमें परेशानी भी होना जायज है। उन्होंने बताया कि वह दूल्हे का तिलक चेक से कर देंगे। फिर भी वह कहते हैं कि शादियाें के लिए मोदीजी को कुछ विकल्प जरूर तैयार करना चाहिए या फिर बेटियों की शादी को बैंक में पैसा जमा होने पर कम से कम दो से तीन लाख रुपये निकालने को विशेष अनुमति दिलवाई जानी चाहिए। वहीं, शादी की शॉपिंग से पहले दुल्हनों को भी रुपये निकालने को लाइनों में लगना पड़ रहा है, जिसमें घंटों अपनी बारी का इंतजार करने पर गुस्सा भी आता है, लेकिन देश हित में निर्णय मानते हुए कष्ट भी झेलने को तैयार हैं।
दुल्हनों का भी ख्याल रखना था
ललितपुर। दुल्हन पूनम तिवारी ने भी मोदी के निर्णय को अच्छा बताया और कहा कि शादी की शॉपिंग से पहले उन्हें 10 हजार रुपये निकालने के लिए बैंकों की लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। जिस पर उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसे में गुस्सा भी बहुत आता है, लेकिन यह निर्णय भी देश हित में है, यह सोच कर परेशानी झेल लेती हूं। मोदीजी ने यदि शादी वाले घरों के लिए कुछ इंतजाम अलग किए होते तो अच्छा रहता।