ललितपुर। गल्ला मंडी प्रशासन द्वारा बिना मंडी गेट पास से जिंस से लदी गाड़ियों पर शिकंजा कसते हुए जुर्माना लगाने के साथ अन्य विभागीय कार्रवाई की जा रही है। मंडी शुल्क के साथ विकास सेस भी वसूला जा रहा है। नवंबर माह में 1.31 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला गया।
गल्ला मंडी से रोजाना हजारों क्विंटल अनाज बेचने के लिए किसान आ रहे हैं। लेकिन, मंडी कर्मचारियों की मिलीभगम से यह अनाज मंडी से बिना गेट पास के ही बाहर निकाला जा रहा है। आए दिन होने वाले इस खेल में मंडी प्रशासन को रोजाना लाखों रुपये राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
मंडी सचल दल द्वारा कार्रवाई तो की जा रही है, लेकिन यह कार्रवाई अधिकांश अन्य जनपदों से आने वाली जिंस की गाड़ियों पर ही की जा रही है, जबकि जिले से ही अन्य जिलों के नाम से प्रपत्र तैयार कर भारी मात्रा में अनाज निकाला जा रहा है।
यदि नवंबर माह की बात करें तो मौसम्मी से लदी मात्र चार गाड़ियां ही बिना मंडी गेट पास के सचल दल मंडी द्वारा पकड़ी गईं, जिनसे सचल दल द्वारा 96 हजार रुपये मंडी शुल्क व 24 हजार रुपये विकास सेस और 40 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया गया। इससे पहले अक्तूबर में मंडी सचल दल ने बिना मंडी गेट पास के जिंस से लदी 13 गाड़ियां पकड़ीं, जिन पर सचल दल ने 91 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
इनमें अधिकांश आलू, प्याज और उर्द से लदे वाहन पकड़े गए थे। वहीं, मंडी सचिव द्वारा छापामारी के दौरान भी नवंबर में मध्य प्रदेश के प्रपत्रों पर चंदेरा स्थित औद्योगिक आस्थान में एक मिल से बिना मंडी गेट पास के उर्द से लदा ट्रक पकड़े जाने पर 20 हजार रुपये जुर्माना और 45 हजार रुपये मंडी शुल्क वसूला था।
वहीं, आंध्रप्रदेेश से दिल्ली जा रही 200 क्विंटल प्याज से लदा एक ट्रक बिना मंडी गेट पास व बिना प्रपत्रों के पकड़े जाने पर हजारों रुपये जुर्माना व मंडी शुल्क वसूल किया था।