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हम दर्शन को आएं किवरिया खोलो मां...

Thu, 10 Dec 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। तुवन मंदिर ग्राउंड पर चल रहे ललितपुर महोत्सव का 14वां दिन बुंदेली लोकगीतों व भजनों के नाम रहा। लोकगीत सुनने के लिए देर रात तक श्रोताओं की भीड़ जमा रही।
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बुधवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पत्रकार संजीव जैन बजाज ने दीप जलाकर किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि संचार क्रांति के इस दौर में परंपराएं समाप्त होती जा रही हैं, आने वाली पीढ़ियों को इन लोक परंपराओं को देखने और समझने का मौका मिले, इसके लिए ऐसे महोत्सवों का आयोजन होना जरूरी है।

लोक भजन की शुरूआत प्रसिद्ध बुंदेली लोकगीत कलाकार चंद्रभूषण पाठक ने राम का दीवाना बन जाना सबके वश की बात नहीं..., हम दर्शन को आए किवरिया खोलो मां..., जिसकी लागी है लगन... आदि लोक भजन गाए। महिला लोकगीत कलाकार कमला राजपूत ने जग रूठे तो रूठे मैहर वाली मां न रुठे..,
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मैं तो तेरे ही भरोसे हनुमान जी..., मेरे मन में भारी उमंग... आदि व स्थानीय कलाकार रामकिशोर मुखिया ने नहीं काल की मजाल, जो बाल करे बांका, मेरे बजरंगी बलवाना,आप हो अद्भुत... आदि भजन गाकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया। भजन संध्या के बाद कलाकारों ने एक से बढ़कर एक बुंदेली लोकगीतों को प्रस्तुत कर देर रात तक पंडाल में माहौल बनाए रखा।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, अधिशासी अधिकारी राकेश   कुमार, पार्षद अन्नू  चौबे, शरीफ कुरैशी,   जगदीश यादव, इदरीश  राइन,  अनुराग जैन, भवानी यादव, महेंद्र   कुमार सिंघई,  पार्षद प्रतिनिधि गुड्डू  तिवारी,  अशोक   पंथ, मुस्तफा खां,   रमाकांत तिवारी, हबीब खान, आर के लावनिया, दिनेश कुमार बिरौनिया आदि  उपस्थित रहे। संचालन एडवोकेट दिनेश गोस्वामी  ने किया।

पुष्प व लठ्ठमार होली आज
ललितपुर महोत्सव के सांस्कृतिक सहायक दिनेश गोस्वामी ने बताया कि बृहस्पतिवार को एटा की पार्टी द्वारा फूलों की होली, लठ मार होली, मयूर नृत्य आदि पेश किए जाएंगे। इसके अलावा विशेष थीम नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। जिनमें शंकर व पार्वती का नृत्य तथा नाग- नागिन का नृत्य प्रमुख रहेंगे।
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